सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस के साथ संभावित भविष्य के टकराव को देखते हुए नाटो के यूरोपीय सदस्य अपनी सैन्य तैयारियों और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में जुटे हैं। यूक्रेन युद्ध और यूरोप में बदलते सुरक्षा माहौल के बीच कई नाटो देशों ने रक्षा बजट बढ़ाने और सैन्य ढांचे को आधुनिक बनाने की योजनाएं तेज की हैं। नाटो ने 2025 में 2035 तक रक्षा और सुरक्षा से जुड़े खर्च को जीडीपी के 5 प्रतिशत तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसमें कम से कम 3.5 प्रतिशत मुख्य रक्षा जरूरतों पर और 1.5 प्रतिशत रक्षा-संबंधी बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों पर खर्च करने का प्रावधान है।
नाटो के अनुसार, यूरोपीय सहयोगियों और कनाडा ने 2025 में मुख्य रक्षा जरूरतों पर पिछले साल की तुलना में 139 अरब डॉलर से अधिक अतिरिक्त निवेश किया। जुलाई में अंकारा शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने 50 अरब डॉलर से अधिक की नई रक्षा खरीद की भी घोषणा की थी। रक्षा तैयारियों में ड्रोन, मिसाइल, वायु एवं मिसाइल रक्षा, साइबर सुरक्षा और लंबी दूरी की मारक क्षमता जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन युद्ध से मिले अनुभवों ने नाटो देशों को ड्रोन और आधुनिक युद्ध तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं की समीक्षा करने के लिए भी प्रेरित किया है।
अमेरिका की ओर से यूरोपीय देशों से रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने का दबाव भी बढ़ा है। नाटो के अनुसार, इसका उद्देश्य यूरोप को अपनी पारंपरिक रक्षा क्षमताओं में अधिक सक्षम बनाना है, जबकि अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य जिम्मेदारियों को भी संभाल रहा है।
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