आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश में 16वीं विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। चार दिन चलने वाले इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जा रही है। इसी बीच नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। वे निर्विरोध चुने जाएंगे। उन्हें विपक्ष का साथ मिला है। विधानसभा अध्यक्ष का चयन 20 दिसंबर को होगा। प्रोटेम स्पीकर उन्हें शपथ दिलाएंगे। पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण होगा।

आज सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शपथ ली। पांचवें नंबर पर शिवराज सिंह ने शपथ ली। मुरैना जिले के सबलगढ़ से भाजपा विधायक सरला रावत शपथ लेने में कई बार अटकीं। पढ़ नहीं पा रही थीं। सुरक्षा कर्मी ने मदद की।

सीधी विधायक रीति पाठक ने संस्कृत में ली शपथ

सीधी से पहली बार विधायक चुनी गईं रीति पाठक ने संस्कृत में शपथ ली। पाठक दो बार सांसद रह चुकी हैं। दमोह जिले के जबेरा से भाजपा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी और मऊगंज से दूसरी बार भाजपा के विधायक प्रदीप पटेल ने भी संस्कृत में शपथ ली।

शिवराज सिंह ने कहा- मामा का रिश्ता प्रेम का है

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा की। महिलाओं के रोने को लेकर शिवराज सिंह ने कहा- भाई बहन के रिश्ते हों, मामा या भांजे के रिश्ते हों, मैंने पहले भी कहा है कि भाई का रिश्ता विश्वास का है और मामा का रिश्ता प्रेम का है। ये जो संबंध हैं, वो स्वाभाविक हैं। ये एक फेज होता है, धीरे-धीरे लोग इसको भूल जाते हैं लेकिन संबंध रहेंगे।

उन्होंने कहा-विधानसभा में पुराने और अनुभवी साथी भी चुनकर आए हैं। नई पीढ़ी का भी पर्याप्त समावेश दिख रहा है। एक और आनंद का विषय है, पीढ़ी परिवर्तन भी हुआ है। मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं तो उमंग सिंगार नेता प्रतिपक्ष। पीढ़ी परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। ये दोनों पक्षों में देखने मिल रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयां छूएगा।

किसने क्या – कहा?

उमंग सिंघार ने नेता प्रतिपक्ष के कक्ष में पहुंचकर महाकाल की पूजा की। इसके बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष व अपनी बुआ स्वर्गीय जमुना देवी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में कमलनाथ के विधायक दल की बैठक में शामिल न होने पर उन्होंने कहा, ‘वे विदेश में हैं, इसलिए नहीं आ पाएंगे।’

जयवर्धन सिंह ने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि आखिर जब उनसे पूछा गया कि लाड़ली बहन योजना लागू रहेगी या नहीं, तो उन्होंने कहा कि हम विचार करेंगे। उन्हें लाड़ली बहना योजना पर स्पष्ट बोलना चाहिए।’