आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अब धीरे-धीरे शहर की हवा प्रदूषित होना शुरू हो गई है। करीब 6 महीने बाद भोपाल में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) माड्रेट से पुअर में पहुंचा गया। इसके चलते भोपाल (लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम पर्यावरण परिसर) प्रदेश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर है। सोमवार को भोपाल का AQI-310 दर्ज किया गया है। इसी समय ग्वालियर (लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम महाराज वाड़ा) का 338 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके चलते पिछले कुछ दिन से भोपाल में पॉल्यूशन अब लाल रेखा की और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ठंड के सीजन में बढ़ने लगता है प्रदूषण
पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि ठंड के सीजन में आम तौर पर एक्यूआई बढ़ता ही है। ठंड में वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैसें एक्सपेंड नहीं हो पाती व वायुमंडल में ठहरी रहती हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, गैस व धूल के कण वायुमंडल में देर तक ठहरते हैं, इससे एक्यूआई बढ़ता है।।
हर साल कब पहली बार लाल रेखा पर पहुंचा AQI
साल 2022 में लाल रेखा के पार पहली बार एक्यूआई 1 नवंबर को 312 दर्ज किया गया था।
साल 2021 में 10 नवंबर को 312 दर्ज किया गया था।
साल 2020 में नवंबर के दूसरे सप्ताह में एक्यूआई 305 पर पहुंचा था।
साल 2019 में एक्यूआई 260 से अधिक नहीं दर्ज किया गया था।
भोपाल में सोमवार को एक्यूआई की स्थिति
इलाका AQI
पर्यावरण परिसर 310
टीटी नगर 230
ईदगाह हिल्स 220
(नोट: यह सभी डेटा MPPCB के लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम से लिया गया है। )
इन चार शहरों में पुअर से अधिक प्रदूषण
शहर AQI
ग्वालियर 338
भोपाल 310
इंदौर 282
सिंगरौली 202
AQI स्टेटस
0-50 गुड
51-100 सटिसफैक्ट्री
101-200 मॉडरेट
201-300 पुअर
301-400 वेरी पुअर
401-500 सीवियर
इसलिए बढ़ा एक्यूआई
अक्सर ठंड बढ़ने वायुमंडल के डस्ट पार्टिकल एक्सपेंड नहीं हो पाते हैं। इसलिए एक्यूआई में बढ़ोतरी होती है। वहीं हम यह भी कह सकते हैं कि वायुमंडल में नमी भी कम हुई है। इसका भी सीधा असर होता है। कई बार प्रदूषण एक दम उठता एवं गिरता है इसका मुख्य कारण विंड प्रेशर या विंड विलोसिटी होती है।