आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा है कि प्रदेश में चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के सीएस और डीजीपी से कहा गया है कि एमपी के जो बदमाश उनके राज्यों में जाकर रह रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार कर जेल में बंद करें या फिर उनकी गिरफ्तारी करके उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस को सौंपा जाए ताकि निष्पक्ष और निर्विध्न चुनाव कराने में ये बाधक नहीं बन सकें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी राज्यों को एमपी के ऐसे बदमाशों की सूची सौंपी गई है। साथ ही उनसे कहा गया है कि वे अपने राज्य के बदमाशों को भी एमपी में घुसने से रोकेंगे और चुनाव कार्य में सहयोग करेंगे। इसी को लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ गुरुवार को वर्चुअल मीटिंग भी हुई है। इस मीटिंग में कहा गया है कि चुनाव के कार्य में पड़ोसी राज्यों को जांच पड़ताल और अन्य कामों में सहयोग करना है। राजन ने बताया कि मतदान के 48 घंटे पहले तक तो मध्यप्रदेश में चुनाव के मद्देनजर तैनात पुलिस फोर्स बार्डर पर चेकिंग में जुटा रहेगा लेकिन 48 घंटे का समय नजदीक आने के साथ उन्हें वहां से हटा लिया जाएगा और मतदान केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया जाएगा। ऐसी स्थिति में पड़ोसी राज्यों की पुलिस जांच पड़ताल कर अवैध रूप से एमपी की सीमा में घुसने वालों को रोकेगी।
88 हजार दिव्यांगों, बुजुर्गों ने मांगी विकल्प सुविधा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने कहा कि प्रदेश में आचार संहिता का सख्ती से पालन किए जाने पर काम किया जा रहा है। अस्सी साल से अधिक उम्र और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए अलग विकल्प की सुविधा दी जा रही है। दो दिन पहले तक 88 हजार फार्म भरे गए हैं। अब तक जो रुझान हैं उसके अनुसार किसी भी राज्य में दस से 12 प्रतिशत वोटर इसका लाभ लेते हैं। अगर किसी मतदान केंद्र में 1550 से अधिक वोटर हैं तो वहां अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जाने के लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही उसी बिल्डिंग में अलग से मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और वोटर्स की संख्या को आधा कर दिया जाएगा।
उन्होंने राजधानी के प्रशासन अकादमी में मीडिया कार्यशाला में कहा कि मतदाताओं को जागरुक करने और मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट करने के लिए प्रेरित करने का काम करना है। मीडिया के लोगों के सोशल मीडिया में भारी संख्य़ा में फालोअर्स हैं। इसका लाभ मतदान के लिए मिले, इसके लिए प्रयास करना है। राजन ने कहा कि मतदान के 48 घंटे पहले विधानसभा से बाहर के लोगों को अपने क्षेत्र में जाना होगा और
मीडिया लोकलाइज नहीं ग्लोबलाइज है
राजन ने कहा कि अगर कोई न्यूज चैनल एमपी में हो रहे चुनाव को लेकर नेशनल लेवल पर कोई प्रोग्राम चलाता है या कुछ ऐसा काम करता है जिससे चुनाव प्रभावित हो सकता है, ऐसे मामले में कार्रवाई करना चुनौती भरा काम है लेकिन जो संभव कार्रवाई होगी वह की जाएगी। राजन ने कहा कि मीडिया का स्वरूप आज लोकलाइज नहीं बल्कि ग्लोबलाइज हो चुका है। उन्होंने पेड न्यूज और अन्य तरह की प्रलोभन वाली बातों से दूर रहने की बात कही।
16 दिन में पिछले चुनाव के मुकाबले डबल राशि की जब्ती
राजन ने कहा कि इस साल पिछले चुनाव की अपेक्षा अब तक 16 दिनों के अंतराल में 136 करोड़ रुपए की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की गई है। यह पिछले चुनाव की अपेक्षा सिर्फ 16 दिनों की कार्रवाई में डबल के करीब पहुंच गई है। आने वाले दिनों में और सख्ती और तेजी से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बार्डर पर जांच टीमें दिन रात लगी हैं और जांच कर रही हैं।
मास्टर ट्रेनर ने बताई मीडिया के एंट्री की जानकारी
उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री की मौजूदगी में मास्टर ट्रेनर वायपी सिंह ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान मीडिया की एंट्री के लिए तय प्रतिबंधों की जानकारी दी। सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए यह बंधनकारी होगा कि वह मतदान केंद्र से 100 मीटर की परिधि में किसी से इंटरव्यू नहीं ले सकेंगे। यह भी बताया गया कि मीडिया को मतदान केंद्र, मतगणना केंद्र में प्रवेश के दौरान कुछ भी ले जाने की छूट नहीं रहेगी। सिर्फ सीईओ एमपी इलेक्शन कार्यालय और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जारी प्रवेश पत्र ही मान्य किए जाएंगे। इसके अलावा पेड न्यूज और अन्य गतिविधियों के बारे में भी कार्यशाला में जानकारी दी गई।