आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना के चुनाव परिणामों के बाद यूपी की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी(BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट किया है। मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा कि चुनाव परिणाम एक पार्टी के पक्ष में एकतरफा होने से सभी लोगों का शंकित अचंभित होना स्वाभाविक है। क्योंकि चुनाव के पूरे माहौल को देखते हुए ऐसा विचित्र परिणाम लोगों के गले के नीचे उतर पाना बहुत मुश्किल है।
एक पार्टी के पक्ष में एकतरफा परिणाम ये रहस्यमय मामला
बीएसपी सुप्रीमो ने अपने ट्वीट में लिखा- देश के चार राज्यों में अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के आए परिणाम एक पार्टी के पक्ष में एकतरफा होने से सभी लोगों का शंकित, अचंभित व चिंतित होना स्वाभाविक है। क्योंकि चुनाव के पूरे माहौल को देखते हुए ऐसा विचित्र परिणाम लोगों के गले के नीचे उतर पाना बहुत मुश्किल। पूरे चुनाव के दौरान माहौल एकदम अलग व कांटे के संघर्ष जैसा दिलचस्प, किन्तु चुनाव परिणाम उससे बिल्कुल अलग होकर पूरी तरह से एकतरफा हो जाना, यह ऐसा रहस्यात्मक मामला है जिसपर गंभीर चिन्तिन व उसका समाधान जरूरी।
मायावती ने लिखा- लोगों की नब्ज पहचानने में भयंकर ’भूल-चूक’ चुनावी चर्चा का नया विषय। बीएसपी के सभी लोगों ने पूरे तन, मन, धन व दमदारी के साथ यह चुनाव लड़ा, जिससे माहौल में नई जान आई, किन्तु उन्हें ऐसे अजूबे परिणाम से निराश कतई भी नहीं होना है बल्कि परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहना है। इस चुनावी परिणाम के संदर्भ में जमीनी रिपोर्ट लेकर आगे लोकसभा चुनाव की नए सिरे से तैयारी पर विचार-विमर्श के लिए पार्टी की आल इण्डिया की बैठक आगामी 10 दिसम्बर को लखनऊ में आहुत। चुनाव परिणाम से विचलित हुए बिना अम्बेडकरवादी मूवमेन्ट आगे बढ़ने का हिम्मत कभी भी नहीं हारेगा।
बीएसपी ने गोंगपा से गठबंधन कर 230 सीटों पर उतारे थे उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी ने एमपी विधानसभा की 230 सीटों पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन करके चुनाव लड़ा है। जिनमें से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को 52 सीटें समझौते में दी गई थीं। और बसपा ने 178 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन इन सभी 230 सीटों में से एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया। जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के दो विधायक चुनकर आए थे।
बसपा-गोंगपा के गठजोड से कांग्रेस को हुआ नुकसान
भिंड : भाजपा के नरेंद्र सिंह कुशवाह ने ये सीट 14 हजार 146 वोटों के अंतर से जीती। यहां बसपा को 34 हजार 938 वोट मिले। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर संजीव कुशवाह बसपा प्रत्याशी के तौर पर लड़े थे।
लहार : नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को भाजपा के अंबरीश शर्मा गुड्डू ने 12 हजार 397 वोटों से हराया। यहां बसपा के रसाल सिंह को 31 हजार 348 वोट मिले।
सुमावली : भाजपा के एंदल सिंह कंसाना ने कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाह को 17,219 वोटों के अंतर से हराया। बसपा के कुलदीप सिकरवार को 56,500 वोट मिले।
दिमनी : भाजपा के दिग्गज नेता नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस को 55,131 वोटों के अंतर से हराया। यहां बसपा के बलवीर सिंह दंडौतिया को 54,676 वोट मिले।
सेंवढ़ा : भाजपा के प्रदीप अग्रवाल ने कांग्रेस के घनश्याम को 2558 वोटों से हराया। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम ) के प्रत्याशी को 29,042 वोट मिले। जबकि बसपा के लखन सिंह यादव को 12,787 मत मिले।
मुंगावली : बसपा से लड़े कांग्रेस के बागी मोहन सिंह को 15,340 वोट मिले। भाजपा के ब्रजेंद्र सिंह यादव ने कांग्रेस के यादवेंद्र सिंह को 5422 वोटों से हराया।
सबलगढ़ : भाजपा की सरला विजेंद्र रावत ने कांग्रेस के बैजनाथ कुशवाह को 9 हजार 805 वोटों के अंतर से हराया। यहां बसपा के सोनी धाकड़ को 51 हजार 153 मत मिले।
अब बात दलित राजनीति वाले बुंदेलखंड की
बुंदेलखंड में 26 सीटें आती हैं। यहां की सपा-बसपा की वजह से कांग्रेस 7 सीटों पर हार गई। यही कारण रहा कि इस बार भी बुंदेलखंड में भाजपा 21 सीटें तो कांग्रेस महज 5 विधानसभा सीटें ही जीत पाई।
छतरपुर : बसपा प्रत्याशी कांग्रेस के बागी डीलमणि सिंह उर्फ बब्बू राजा बुंदेला को 14 हजार 184 वोट मिले। यहां भाजपा की ललिता यादव ने कांग्रेस के आलोक चतुर्वेदी को 6 हजार 967 वोटों से हराया।
चंदला : भाजपा के दिलीप अहिरवार ने कांग्रेस के अनुरागी हरप्रसाद को 15 हजार 491 मतों से हराया। यहां कांग्रेस के बागी सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र अहिरवार को 24 हजार 977 वोट मिले।
गुन्नौर : भाजपा के राजेश कुमार वर्मा ने कांग्रेस के जीवन लाल सिद्धार्थ को 1160 वोटों से हराया। बसपा के देवीदीन आशू को 5 हजार 946 मत मिले।
निवाड़ी : भाजपा के अनिल जैन ने कांग्रेस के अमित राय को 17 हजार 157 वोटों से हराया। यहां भाजपा की बागी सपा की मीरा यादव को 32 हजार 670 वोट मिले। वहीं निर्दलीय नंदराम कुशवाहा 18 हजार 827 मत पाकर चौथे पायदान पर रहे।
जतारा : सपा के आरआर बंसल को 15 हजार 34 मत मिले। यहां भाजपा के हरिशंकर खटीक ने कांग्रेस की किरन अहिरवार को 11 हजार 531 वोटों से हराया।
पथरिया : भाजपा के लखन पटेल ने कांग्रेस के राव ब्रजेंद्र को 18 हजार 159 वोटों से हराया। बसपा की रामबाई सिंह को 29 हजार 339 वोट मिले।
राजनगर : भाजपा के अरविंद पटेरिया ने कांग्रेस के विक्रम सिंह नातीराजा को 5 हजार 867 वोटों के अंतर से हराया। यहां बसपा के डॉ. घासीराम पटेल को 32 हजार 195 वोट मिले।
बघेलखंड की 30 सीटों में 10 पर बसपा और गोंगपा ने भाजपा-कांग्रेस के समीकरण बिगाड़े। 7 सीटों पर इस गठबंधन के चलते कांग्रेस को तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
सिरमौर : भाजपा के दिव्यराज सिंह ने कांग्रेस के रामगरीब वनवासी को 19 हजार 315 वोटों से हराया। यहां बसपा के वीडी पांडे को 41 हजार 85 मत मिले।
त्योंथर : भाजपा के बागी बसपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह को 24 हजार 393 वोट मिले। यहां भाजपा के सिद्धार्थ तिवारी ने कांग्रेस के रमाशंकर सिंह को 4 हजार 746 वोटों से हराया।
देवतलाब : निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने भतीजे कांग्रेस के पद्मेश गौतम को 24 हजार 386 वोटों से हराया। यहां बसपा के अमरनाथ पटेल को 30 हजार 251 मत मिले।
नागौद : भाजपा के नागेंद्र सिंह ने कांग्रेस की डॉ. रश्मि चतुर्वेदी को 50 हजार 282 वोटों से हराया। यहां दूसरे नंबर पर रहे बसपा के यादवेंद्र सिंह को 53 हजार 343 मत मिले।
चित्रकूट : भाजपा के बागी सुभाष शर्मा डोली को 31 हजार 560 वोट मिले। यहां भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार ने कांग्रेस के निलांशु चतुर्वेदी को 7 हजार 256 वोटों के अंतर से हराया।
मानपुर : भाजपा की मीना सिंह ने कांग्रेस के तिलकराज सिंह को 25 हजार 265 वोटों के अंतर से हराया। यहां गोंगपा के राधेश्याम काकोड़िया को 28 हजार 839 वोट मिले।
धौहनी : भाजपा के कुंवर सिंह टेकाम ने कांग्रेस के कमलेश सिंह को 3 हजार 321 वोटों के अंतर से हराया। गोंगपा को यहां 11 हजार 724 वोट मिले।