आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सितंबर में आए बारिश के दो दौर ने मध्यप्रदेश में आंकड़े बदल दिए हैं। इस साल अगस्त सूखा गया। सितंबर में बारिश का पहला दौर आने के पहले तक प्रदेश के 29 जिले सामान्य से कम बारिश की कैटेगरी में थे। अब यह आंकड़ा घटकर 6 जिलों तक सिमट गया है। इस 6 सितंबर को बारिश का पहला दौर आया था। दूसरा दौर 21 सितंबर से शुरू हुआ था।

पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो 1 जून से अब तक 36.75 इंच बारिश हो चुकी है। MP में औसत बारिश का आंकड़ा 36.81 इंच है। इस हिसाब से 0.06 इंच यानी 0.2% बारिश ही कम है।

अच्छी बात यह है कि भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में अभी दो-तीन दिन कहीं हल्की और कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। बंगाल की खाड़ी में मानसूनी सिस्टम बनने की संभावनाओं के चलते 28 सितंबर से बारिश का एक दौर और आ सकता है।

सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 31 जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ लाइन गुजरने से बारिश का दौर जारी रहेगा।

24 घंटे में कैसा रहा मौसम

इंदौर में रात में कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। भारत-आस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा वन-डे क्रिकेट मैच भी प्रभावित रहा।

नर्मदापुरम में 5 मिमी पानी गिर गया। सीहोर, उमरिया, इंदौर और जबलपुर में भी बूंदाबांदी हुई।

मंदसौर, हरदा, विदिशा और राजगढ़ में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया।

MP के पश्चिमी हिस्से में 3% बारिश ज्यादा

मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में 1 जून से अब तक 4% कम और पश्चिमी हिस्से में 3% अधिक बारिश हुई है।

नरसिंहपुर में आंकड़ा 51 इंच से अधिक है। यहां सबसे अधिक बारिश हुई है।

झाबुआ, बुरहानपुर, खरगोन, नरसिंहपुर, सिवनी, निवाड़ी, रतलाम, भिंड, उज्जैन, राजगढ़, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, कटनी, छिंदवाड़ा, देवास, श्योपुरकलां, हरदा, बैतूल और अनूपपुर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है।

जबलपुर, सीहोर, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, शिवपुरी, दतिया, सागर, टीकमगढ़, नीमच, आगर-मालवा, मुरैना और शहडोल जिले में सामान्य से 90% से अधिक बारिश हो चुकी है।