सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बीते कुछ दिनों से मध्यप्रदेश-झारखंड में चल रही राजनैतिक उठापटक पूरे देश में चर्चा का विषय का विषय रही है। प्रदेश ही नहीं देश के वरिष्ठ और कद्दावर नेता, मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और मध्यप्रेदश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे कमलनाथ के भाजपा में जाने और उसके साथ उनके समर्थक कांग्रेस के विधायकों द्वारा भाजपा में जाने की अटकलों को लेकर राजनैतिक गलियारों में जो घटनाक्रम घटना वह पूरे देश की राजनीति के लिए बहुत मायने रखती है।
लेकिन कांग्रेस में उत्पन्न हुई इन विषय परिस्थितियों को अपने पक्ष में लाने में पूरी परिपक्ता, हिम्मत और निर्भिकता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व झारखंड के प्रभारी रहे,के साथ मध्यप्रदेश में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जो भूमिका निभाई और मप्र के करीब 12 और झारखंड के 5 से 7 विधायकों को भाजपा में जाने से रोकने में असफलता हासिल की राजनैतिक अटकलों पर विराम लगा उससे उमंग सिंघार का देश की राजनीति में कद बढ़ा है। इतना ही नहीं सिंघार ने इन विधायकों की हाईकमान से चर्चा कराकर इस घटनाक्रम पर विराम लगाया, उससे सिंघार की राजनीति के सितारें भी चमकने लगे।
सिंघार की इस कामयाबी की राजनैतिक गलियारों में भी चर्चा जोरों से चल रही है। बीते दिनों मप्र के दौरे पर पहुंचे अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह भी सिंघार के निवास पर पहुंचे और उनसे चर्चा कर उन्हें इस सफलता पर उनकी पीठथपथपाई और उन्हें बधाई दी।