सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में भारत के स्वतंत्रता सेनानी और प्रथम उप- प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 148 वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के उत्तम सिंह चौहान ने सरदार पटेल के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, सरदार पटेल ने भारत की देसी रियासतों के एकीकरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। चौहान ने ये भी कहा कि, उनके साथ सरदार पटेल सचिव वी.पी. मेनन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। सरदार पटेल ने भारत के संविधान निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझ-बूझ और बुद्धिमता का परिचय देते हुए, भारत में 562 रियासतों का विलय करवाया। यह उनके प्रयासों का ही फल है कि, भारत में इतनी विविधता के बावजूद सरदार पटेल देश में एकता स्थापित करने में सफल रहे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल के कार्यों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें चिंतन करना चाहिए कि, हम राष्ट्र के लिए क्या कर सकते हैं। हमें अपने कार्यों और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी ने कहा कि, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब अंग्रेज कमजोर पड़ गए तो, उन्होंने जाते-जाते भारत के तीन टुकड़े कर दिए। एक भारत, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा स्वतंत्र रियासतें। प्रो. तिवारी ने कहा कि, सरदार पटेल किसी से नहीं डरते थे। उन्होंने 562 देसी रियासतों का विलय अपने कौशल से किया। उन्होंने कहा कि, सरदार पटेल वास्तव में गांधी के एकलव्य थे। बारडोली सत्याग्रह में सरदार पटेल ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था। सरदार पटेल इतनी दूरदृष्टि रखते थे कि, उन्होंने पहले ही चीन के बारे में आगाह कर दिया था कि चीन भारत पर आक्रमण करेगा।
उन्होंने कहा कि, सरदार पटेल अंदर से जितने नरम थे, वह अपने फैसलों में उतने ही कठोर हुआ करते थे। इस अवसर पर संजय तिवारी ने समस्त उपस्थित कर्मचारियों अधिकारियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार भोज मुक्त विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो रतन सूर्यवंशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।