मुंबई । अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशल दास के अनुसार देश में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए लीग के ढांचे को मजबूत करना होगा। भारतीय पुरुष फुटबॉल लीग प्रणाली में तीन डिवीजन (इंडियन सुपर लीग, आई-लीग और आई-लीग दूसरा डिवीजन) शामिल हैं।
इसके अलावा महिलाओं के लिए भारतीय महिला लीग (आईडब्ल्यूएल) है। भारतीय पुरुष टीम का लक्ष्य एएफसी एशियाई कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करना है। इसके लिए भारतीय टीम को जून में क्वालीफायर मुकाबले खेलने हैं। उसे ग्रुप डी में अफगानिस्तान , कंबोडिया और हांगकांग से खेलना है।
दास ने कहा कि भारत में फुटबॉल एक लोकप्रिय खेल है फिर भी हमारी टीम विश्व स्तर पर कहीं पीछे है। इसका कारण लीग संरचना की कमी रही है। भारत ने साल 2007 में आई-लीग की शुरुआत की, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने लीग टूर्नामेंटों को बहुत पहले शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि भारत 70 के दशक में जापान को हरा देता था, 60 के दशक में हमने कोरिया को हराकर एशिया कप जीता था पर इसके बाद हमारी टीम का स्तर गिरने लगा। इसका कारण लीग फुटबॉल की शुरुआत में देरी रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन सुपर लीग की अवधि को और बढ़ाने की जरूरत है। आईएसएल अब देश की शीर्ष लीग है, आई-लीग को एक पायदान नीचे कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम मौजूदा ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रहे है।