आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल के पहले कोलार सिक्सलेन निर्माण में हो रही लेटलतीफी लोगों के लिए न सिर्फ मुश्किलें खड़ी कर रही है, बल्कि यहां हादसे भी हो रहे हैं। 2 दिन पहले डंपर ने एक महिला को कुचल दिया था। ऐसे कई हादसे भी हो चुके हैं।
जब पड़ताल की गई तो पता चला कि कोलार रोड पर ‘मौत’ के करीब 40 डंपर 24 घंटे दौड़ रहे हैं। इनकी रफ्तार इतनी अधिक होती है कि हमेशा हादसे का डर रहता है।
सितंबर में कोलार रोड की एक लेन कम्प्लीट की जाना थी, लेकिन अब तक आधी लेन भी नहीं बन सकी है। इस कारण कोलार रोड की 100 से अधिक कॉलोनी में रहने वाले लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। कई जगह से तो रोड से गुजरना मुश्किल हो जाता है। यहां हर समय धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। सुबह-शाम को पीक आवर्स में जाम के हालात बनते हैं।
कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में 24 घंटे लगे हैं डंपर: SDO
डंपरों के दौड़ने और उनकी रफ्तार को लेकर पीडब्ल्यूडी एसडीओ दीपक भंडारी से बात की गई। उन्होंने बताया कि डंपर कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में लगे हैं। इस कारण 24 घंटे चलाने की अनुमति प्रशासन ने ही दी है। 30 से 40 डंपर काम में लगे हैं। रविवार रात में जिस डंपर से हादसा हुआ, उसकी स्पीड 10 से 15 किमी प्रतिघंटा ही थी। महिला डिवाइडर के ऊपर चढ़ गई थी। बैलेंस बिगड़ गया और वह डंपर के पिछले पहिए में आ गई। यह दुखद हादसा था। मामले की जांच कर रहे हैं। निर्माण कार्य की लेटलतीफी को लेकर एजेंसी को नोटिस दे रहे हैं। काम की गुणवत्ता की जांच लैब में करवाते हैं। अब तक रिपोर्ट ठीक आई है।
एक साल पहले हुआ था भूमिपूजन
कोलार सिक्सलेन प्रोजेक्ट की लागत 222 करोड़ रुपए है। इसका भूमिपूजन पिछले साल 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। कुल 15.0 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन में मुख्य सर्व-धर्म ब्रिज के साथ 27 अन्य छोटी-बड़ी पुल-पुलियाएं भी बनाई जा रही हैं। गोल जोड़ से बैरागढ़ चिचली तक लगभग दोनों ओर की सड़क बन चुकी है। मंदाकिनी चौराहे तक एक लेन पर काम चल रहा है। इसी दौरान कई खामियां देखने को मिल रही हैं।
मॉनिटरिंग नहीं होने से काम भी अटका
कोलार सिक्सलेन के काम में छह-सात महीने में ही तेजी आई थी। अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करने निकलते थे। लेकिन, अक्टूबर में चुनाव की आचार संहिता लग गई। इससे मॉनिटरिंग बंद हो गई। काम की रफ्तार धीमी हो गई। स्थिति यह है कि कई जगह पर खुदाई करके छोड़ दिया गया है। यह भी परेशानी की वजह बन रहा है।
कई कॉलोनियों के रास्ते ही बंद हुए
निर्माण में लेटलतीफी के चलते पिछले छह महीने से ज्यादा समय से लाखों लोग रोज परेशान हो रहे हैं। अब तक खराब सड़क, बिजली और पानी की समस्या से जूझ रहे रहवासियों के लिए लिए एक और बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। करीब 12 कॉलोनियों के रास्ते बंद हो गए हैं।