सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शोध संभावना विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के समापन अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के शिक्षा शास्त्र विद्या शाखा के संकाय अध्यक्ष लोकमान्य मित्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में महर्षि सांदीपनी वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के सचिव प्रोफेसर विरुपाक्ष वि जद्दीपाल तथा सारस्वत अतिथि के रूप में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के प्रोफेसर एनसी ओझा उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम संगोष्ठी के सचिव गोविंद सरकार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उसके पश्चात त्रैमासिक शोध पाठ्यक्रम का समापन किया गया जिसका प्रतिवेदन सहायक शोध समन्वयक डॉक्टर कृपा शंकर शर्मा ने प्रस्तुत किया एवं उसके पश्चात शोधार्थियों ने अपने शोध पाठ्यक्रम के अनुभव कथन किए मुख्य अतिथि प्रोफेसर लोकमान्य मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार अनेक ऐसे विषय हैं जिनमे हम शोध की अनेक संभावनाएं खोज सकते हैं एवं हमारे शोध कार्य कर सकते हैं|
जिसमें ऐसे विषय हम ले सकते हैं जो समाज से जुड़े हुए हो एवं समाज को इससे सीधा लाभ पहुंचे तथा वैसे विषय हो जो समाज उपयोगी भी बने प्रोफेसर विरुपाक्ष वि जद्दीपाल ने कहा कि हमें भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए अपने शोध कार्यों को समाज के बीच जाकर करना होगा तभी वह समाज हमसे जुद्र पाएगा एवं समाज के लाभ के लिए ही वह शोध हो पाएगा संगोष्ठी में सरस्वत अतिथि प्रोफेसर एन सी ओझा ने कहा की हमें आलेख एवं शोध पत्र आदि के लिए एक प्रक्रिया को अपनाते हुए और फिर उसमें संस्कृत के साहित्य संस्कृत के शास्त्र सहित आधुनिक अनुसंधान विधियों का विधिवत प्रयोग करते हुए 2020 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शोध कार्य करने होंगे।
अंत में शोध समन्वयक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने शोध संगोष्ठी की सफलता के लिए सभी विभाग के अध्यापक गणों को संगोष्ठी के समन्वयक एवं सचिव आदि को शुभकामनाएं दी एवं शोधार्थियों को अपने विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बताए गए दिशा निर्देश अनुसार चयनित करने के लिए दिशा निर्देश दिए कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र विनय शुक्ला ने किया।