आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत सरकार के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल रविवार को इंदौर में थे। इस दौरान वह मध्यप्रदेश उद्योगपति सम्मान समारोह में शामिल हुए। शहर के उद्योगपतियों के साथ संवाद किया। कहा, आजादी के बाद से अब भारत में सबसे कम महंगाई है। महंगाई को हम काबू में लाने में सफल हुए हैं। देश की एवरेज महंगाई चार प्रतिशत है। आज देश की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुकी है जो आने वाले टाइम में 35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी।
इंदौर के लोगों ने स्वच्छता को आदत बना लिया है। अब यह चैलेंज मैं मुम्बई में भी लेकर जाना चाहता हूं। इंदौर ने पिछले 40 सालों में काफी प्रगति की है। एमपी भी बीमारू राज्य से अब बाहर आ गया है। बदलते इंदौर पर स्टडी होनी चाहिए कि कैसे यह शहर लगातार स्वच्छता में 6 बार नंबर वन आ रहा है। ये कहानी जब देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी तो इंदौर और यहां के लोगों का वर्चस्व बढ़ेगा। यहां के युवा अच्छा काम कर रहे हैं।
गोयल ने कांग्रेस के शासनकाल को याद कराते हुए कहा कि अब वह जमाना नहीं है जब 100 रुपए में 15 रुपए ही गरीब के घर तक पहुंचते थे। उस जमाने में कांग्रेस के जो प्रधानमंत्री थे वो निहत्थे थे। उनके समय भ्रष्टाचार दलाल और बिचोलिया 100 रुपए में 85 रुपए खा जाते थे। लेकिन उनमें बोलने का साहस नहीं था।
आज दुनिया के नेता भारत की प्रशंसा करते हैं। लेकिन हमारे देश के नेता विदेश में जाकरदेश की ही निंदा करते हैं। ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता ने जिस तरह से प्रधानमंत्री की सराहना की है उससे लगता है कि हम सबका सीना 56 इंच का हो गया।
यहां के युवा कर रहे अच्छा काम
इंदौर शहर का सिर्फ कायाकल्प ही नहीं नए भविष्य का दौर शुरू हुआ है। कई वर्षों से चर्चा हो रही थी कि शहर में आईटी पार्क लाया जाए। इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जाए लेकिन इसका क्रियान्वयन तभी हो पाया जब शिवराज की सरकार आई और ओवर ऑल इंदौर का डेवलपमेंट शुरू हुआ।
शहर ने आर्थिक विकास के साथ-साथ अपनी विरासत को भी संभालने में काम किया। मेरा सौभाग्य रहा है कि मैं इंदौर हमेशा आता रहा हूं। यहां चार-पांच शादी भी अटेंड कर चुका हूं। वास्तव में जो इंदौर में आनंद आता है वह कहीं नहीं। इंदौर शहर आर्थिक राजधानी के साथ-साथ स्टार्टप का भी केंद्र है। यहां से युवा नए-नए आइडिया के साथ निकलते हैं। जो स्टार्टअप इंदौर में शुरू हुए उसको देखकर लगता है कि आगे चलकर इंदौर का भविष्य उज्ज्वल है।
40 वर्षों में शहर की यात्रा अपने आप में मिसाल
इंदौर एक ऐसा शहर है जिसे सबसे पहले मैं 1980 में देखा था 40 वर्षों की जो इस शहर की यात्रा रही है। जिस तरह से शहर में प्रगति की है वह अपने आप में मिसाल है। जब यहां सब कुछ आराम आराम से होता था धीमी गति से काम चलता था तो वहां से लेकर आपने किस प्रकार से जन भागीदारी के साथ मिलकर सामूहिक प्रयास करना इसका मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से स्टडी कराना चाहिए जिससे दूसरे शहरों को भी सीखने में आसानी हो। मध्य प्रदेश में 17 तारीख को चुनाव है। इससे पहले दिवाली का जश्न मनेगा लेकिन मुझे लगता है कि इंदौर में विधानसभा चुनाव भी त्यौहार की तरह ही है। यहां की दिवाली मतगणना के दिन भी मनेगी।
जो भारत शुरू करता है उसे दुनिया फॉलो करती है
जन आशीर्वाद के दौरान भी आप लोगों ने खूब प्यार दिया। शिवराज सरकार ने पिछले 20 साल में बहुत अच्छा काम किया है। लाडली बहनों को हमने सम्मान देने का काम किया है। पहले की सरकारों में कितना भ्रष्टाचार होता था सबको पता है। हम 2014 में पड़ोसी देशों की स्थिति जहां देखे थे वही आज भी है।
इंदौर ही नहीं मध्यप्रदेश के कई शहरों में 5G है। 6G की तैयारी शुरू है। अब भारतीय इंतजार नहीं करता कि किसी दूसरे देश में जब कोई काम हो जाएगा उसके 20 साल बाद भारत में होगा। अब जो भारत शुरू करता है दुनिया उसे फॉलो करती है।
कमजोर देशों में भारत की होती थी गिनती
आज से 10 साल पहले विश्व के पांच सबसे कमजोर देश भारत गिना जाता था। इसको संभालना काफी मुश्किल था। अपने पड़ोसी देशों की आज जो हालत है वही हाल 2012-13 और 14 में भारत का भी था। यहां विदेश से निवेश नहीं आ रहा था। महंगाई बढ़ती जा रही थी।
देश में एक के बाद एक भ्रष्टाचार उजागर हो रहे थे। कभी कोयले का घोटाला तो कभी अंतरिक्ष में घोटाला। कभी भू माफिया हावी रहता तो कभी सैन्य माफिया। यहां कुछ भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारियों को कई तरह के टैक्स भरने पड़ते थे। देश में उत्साह खत्म होता दिखाई दे रहा था।
महंगाई और ब्याज दर हुई कम
1984 के बाद पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तो देश के अंदर एक के बाद एक दिन-रात एक करके 24 घंटे जनता की सेवा की। इसी का फल है कि अब भारत का नाम विदेशों में भी लिया जाता है। सरकार आते ही अलग-अलग कदम उठाए गए। ग्रोथ रेट को ट्रैक पर लाने का काम किया इस कारण आज विश्व में सबसे तेज गति से अर्थव्यवस्था में बढ़ाने वाला देश भारत है। जिस प्रकार से महंगाई में अंकुश लगा है। वह पहले नहीं था।
महंगाई को काबू करने में मिली सफलता
कुछ लोग कहते थे महंगाई देश के लिए अच्छी है। लेकिन गरीब व्यक्ति के लिए, छोटे व्यापारी के लिए, छोटे उद्योगपति के लिए महंगाई अच्छी हो ही नहीं सकती। क्योंकि महंगाई जब बढ़ती है तो ब्याज दर भी बढ़ती है। आजादी के बाद से अब भारत में सबसे कम महंगाई है। महंगाई को हम काबू में लाने में सफल हुए हैं। देश की एवरेज महंगाई चार प्रतिशत है। आज देश की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुकी है जो आने वाले टाइम में 35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी।