सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बागसेवनिया स्थित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर को NCTE ने ITEP के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2024-25 से चार वर्षीय एकीकृत BA-B.Ed पाठ्यक्रम चलाने की मान्यता प्रदान की है।

NAAC द्वारा A++ ग्रेड प्राप्त केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षानीति- 2020 की शैक्षिक संरचना के आधार पर 31 मई 2023 को एक नए पाठ्यक्रम आइटेप के अंतर्गत बीए-बीएड् के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था। आवेदन के आधार पर एनसीटीई के पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद् ने निरीक्षण करने के पश्चात् सत्र 2024-25 से चारवर्षीय एकीकृत बीए-बीएड् पाठ्यक्रम चलाने हेतु मान्यता पत्र प्रदान किया है।

दिल्ली स्थित मुख्यालय से केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने NCTE द्वारा ITEP के अन्तर्गत बीए-बीएड् पाठ्यक्रम के अप्रूवल लेटर प्राप्त होने पर परिसर परिवार को बधाई दी तथा पाठ्यक्रम के सफल संचालन हेतु शुभकामनाएँ प्रदान की है। भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. रमाकान्त पाण्डेय ने बताया कि परिसर में अनेक विभाग हैं जिनमें प्राक् शास्त्री (11वीं-12वीं), शास्त्री (B.A), आचार्य (M.A), शिक्षाशास्त्री (B.Ed), शिक्षाचार्य (M.Ed.) एवं विद्यावारिधि (Ph.D) आदि कक्षाओं में संपूर्ण देश के विद्यार्थी पढ़ते हैं जिनका प्रवेश CUET के माध्यम से होता है।

अब इनमें एक नए पाठ्यक्रम बीए-बीएड् के जुड़ने से परिसर के आचार्यों एवं छात्र-छात्राओं में एक नये उत्साह का संचार हो रहा है। परिसर के शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो नीलाभ तिवारी ने कहा कि एनईपी की भावना के साथ-साथ संस्कृत विश्वविद्यालय और समाज की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप यह पाठ्यक्रम है। इस से दूरगामी आश्चर्यजनक सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और राष्ट्रीय शिक्षानीति-2020 की संकल्पना के क्रियान्वयन से शिक्षकों में गुणवत्ता के साथ ही साथ छात्र-छात्राओं, समाज और राष्ट्र का अभ्युदय होगा।उन्होंने ने बताया कि परिसर में पिछले इक्कीस वर्षों से बी.एड् और और बारह वर्षों से एम्.एड्. पाठ्यक्रमों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। भोपाल परिसर से प्रशिक्षण प्राप्त छात्र छात्राएँ देश के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अपनी उत्कृष्ट शैक्षिक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।

अब एक नए पाठ्यक्रम बीए-बीएड् के आरम्भ होने से राष्ट्रीय शिक्षानीति-2020 की संकल्पना को क्रियान्वयन करने का अवसर प्राप्त होगा तथा छात्रों को भी 12वीं कक्षा के तुरंत पश्चात् एक ऐसे पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा जो ज्ञानार्जन के साथ साथ आजीविका प्राप्ति का भी सशक्त माध्यम होगा। इस पाठ्यक्रम में एक वर्ष पश्चात छोड़ने पर प्रमाणपत्र, दो वर्ष में डिप्लोमा , तीन वर्ष में बीए और चार वर्ष में बीए- बीएड की डिग्री प्राप्त होगी। NCTE-ITEP की भोपाल परिसरीय समिति के सदस्य डॉ दाताराम पाठक, डॉ रजनी वीजी, डॉ गोविन्द सरकार एवं डॉ वरुण सौरभ पोखरियाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगे की तैयारियाँ आरम्भ कर दी है।