आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बालाघाट जिले की ट्रेजरी में रखे पोस्टल बैलेट निकाले जाने के बाद से ही कांग्रेस आक्रामक है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस ने शिकायत की। बालाघाट की घटना के बहाने कांग्रेस पूरे प्रदेश भर में कर्मचारियों की वोटिंग को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया और अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से एक दर्जन जिलों में पोस्टल बैलेट को लेकर शिकायतें की हैं।
कर्मचारियों ने कांग्रेस को दिए वोट,इसलिए पोस्टल बैलेट में हो रही गड़बड़ी
मप्र कांग्रेस के चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया ने पोस्टल बैलेट को लेकर की गई शिकायतों पर कहा- हमारी शिकायतों के बाद भी प्रशासन द्वारा लीपा पोती का कार्य किया जा रहा है। जितने लोगों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है उनको पोस्टल वोट डालने का अवसर नहीं दिया गया। ये सब काम भाजपा के इशारे पर किये जा रहे हैं। उन्हें पता है कि पोस्टल वोट कांग्रेस के पक्ष में है। इसीलिए हेराफेरी की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा डाक मतपत्रों को रिजेक्ट किया जा सके।
अब जानिए कहां से हुई पोस्टल बैलेट को लेकर शिकायतें
ग्वालियर दक्षिण – विधायक प्रवीण पाठक ने कलेक्टर को शिकायत पत्र लिखते हुए कहा है की सरकारी कर्मचारियों को फार्म 12 जारी किये जाने के बावजूद उनकी ड्यूटी त्योहारों और मतदान प्रक्रिया में लगाई गई जिससे वह मतदान नहीं कर पाए। इसके अलावा ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया जिससे वह वोट नहीं डाल पाए।
पन्ना- पन्ना विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भरत मिलन पाण्डेय ने पन्ना निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र में लिखा की उनके विधानसभा के सरकारी कर्मचारियों को पोस्टल वैलेट जारी नहीं किये गए और उन्हें निर्वाचन से वंचित रखा गया। जिन कर्मचारियों का चुनाव प्रशिक्षण हो चुका था और पोस्टल वैलेट उन्हें वोट डालने की सूचना नहीं दी गई जिससे वह भी मतदान नहीं कर सके। जब पन्ना जिला प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक उम्मीद नहीं दिखी तो उन्होंने भोपाल पहुंचकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन को शिकायती आवेदन दिया।
लहार – लहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र में लिखा की 500 से ज्यादा कर्मचारियों को फार्म 12 जमा किये जाने के बाद भी उन्हें डाक मतपत्र जारी नहीं किए कलेक्टर भिंड द्वारा जानबूझ कर उन्हें मतदान से वंचित रखा गया । इसके अलावा स्ट्रांग रूम में रखे डाक मतपत्रों की सील तोड़ कर बिना उनकी जानकारी के मतपत्रों के बण्डल बनाए गए।
रीवा – रीवा के 700 कर्मचारियों की ड्यूटी सीधी जिले में लगी थी कांग्रेस द्वारा शिकायत की गई की कर्मचारियों को जिला शिक्षा अधिकारी ने समय पर डाक मतपत्र उपलब्ध नहीं कराए जिससे वह वोट नहीं डाल पाए। इसके बाद 18 नवम्बर को उन्हें डाक दिए गए पर 17 को चुनाव होने के बाद उन्हें निरंक घोषित कर दिया गया।
खंडवा- खंडवा में समय पर डाक मतपत्र जारी नहीं किये जाने के बाद 20 नवम्बर को 123 पुलिस कर्मचारियों ने मतदान किया। बाद में आयोग से शिकायत के बाद उन्हें भी निरस्त कर दिया गया।
गौरीशंकर बिसेन के कलेक्टर से दोस्ती इसलिए गडबड़ी हो रही
कांग्रेस के चुनाव आयोग कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया का कहना है बालाघाट की घटना में कलेक्टर को लेकर शिकायत की गई थी पर आयोग ने घटना की जांच उसी कलेक्टर को सौंप दी। 27 तारीख को छुट्टी के दिन नियम विरुद्ध डाक मतपत्रों को खोला गया। यह कार्रवाही कलेक्टर द्वारा गौरीशंकर बिसेन के इशारों पर की गई है क्योंकि कलेक्टर और गौरीशंकर बिसेन के दोस्ताना संबंध हैं इसीलिए बालाघाट कलेक्टर को सस्पेंड किया जाए।
दिग्विजय सिंह ने केन्द्रीय निर्वाचन आयोग से की शिकायत
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी केन्द्रीय निर्वाचन आयोग से भिंड जिले की लहार विधानसभा में कर्मचारियों के वोट ना डल पाने के मामले की शिकायत की। दिग्विजय सिंह की शिकायत के बाद चंबल संभाग के संभागायुक्त दीपक सिंह ने भिंड कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है।