आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कलियासोत-केरवा डेम के 33 मीटर के दायरे की सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। कारण, यहां अतिक्रमण को लेकर सरकारी स्तर पर अलग-अलग समय पर गठित दो समितियों की रिपोर्ट के तथ्यों का आपस में मेल नहीं खाना है। कलियासोत और केरवा डेम क्षेत्र के 33 मीटर के दायरे में कुल कितने अतिक्रमण हैं, इसके सर्वे के लिए एनजीटी के आदेश पर राज्य शासन ने एक कमेटी बनाई थी। इसकी सर्वे रिपोर्ट में अफसरों को कलियासोत डेम क्षेत्र में एक भी अतिक्रमण नहीं मिला।

वहीं, केरवा डेम के चारों तरफ एक स्कूल और 33 कच्चे निर्माण 33 मीटर के दायरे में मिले थे। ये एक्शन टेकन रिपोर्ट 15 जुलाई 2022 को एनजीटी में सौंपी गई थी। वहीं दूसरी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट 14 सितंबर 2023 को सौंपी है। इसमें कहा गया है कि कलियासोत डेम के चारों ओर 96 और केरवा डेम के चारों तरफ 33 अतिक्रमण मिले हैं। पुरानी कमेटी की रिपोर्ट में कलियासोत डेम क्षेत्रफल 529.5 हेक्टेयर मिला तो नई कमेटी की सर्वे रिपोर्ट में केरवा का क्षेत्रफल 482 हेक्टेयर मिला था।

नई कमेटी की रिपोर्ट में कलियासोत डेम क्षेत्रफल 527.75 हेक्टेयर, जबकि केरवा का क्षेत्रफल 466.15 हेक्टेयर मिला था। पुरानी रिपोर्ट की तुलना में नई रिपोर्ट में 20 हेक्टेयर जमीन कम हो गई है। इसी तरह पुरानी कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कलियासोत और केरवा इलाके में टूटी हुई मुनारें मिली हैं। लेकिन नई मुनारें लगाने का कोई प्रावधान शासन के पास नहीं है।

नई कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि केरवा और कलियासोत के चारों ओर मुनारों को चिह्नित और सीमांकित करने का काम किया जा रहा है। कलियासोत में 679 और केरवा में 1080 नई मुनारें 30 अक्टूबर तक लगा दी जाएंगी। गुरुवार को ये आरोप पर्यावरणविद डॉ. सुभाष सी. पांडेय ने लगाए हैं। उन्होंने मीडिया को इससे संबंधित दस्तावेज भी दिए। उन्होंने मांग की है कि एनजीटी द्वारा सीएस पर लगाई गई 5 लाख रुपए की पेनाल्टी को माफ न किया जाए।

पुरानी रिपोर्ट में गंदा पानी नहीं मिलना पाया गया था…

पुरानी कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक केरवा और कलियासोत डेम में कहीं पर सीवेज मिलते हुए नहीं पाया गया। वहीं, नई कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक कलियासोत में चार स्थानों पर सीधे डेम में सीवेज मिलना पाया गया है। केरवा में मिंडोरा, मिंडोरी एवं कुशलपुरा के गांवों से 78 केएलडी सीवेज मिलना पाया गया।

हकीकत में सिर्फ चुनिंदा लोगों को दिए नोटिस

पिछले महीने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस पर लगाई गई 5 लाख की पेनाल्टी एनजीटी ने वापस ले ली क्योंकि यह बताया गया कि अतिक्रमण चिह्नित कर सभी को नोटिस जारी किए हैं। 2024 मार्च तक इनको हटा दिया जाएगा। हकीकत ये है कि सर्वे टीम को कलियासोत में 96 अतिक्रमण मिले थे। इसमें 84 सरकारी जमीन पर जबकि 12 प्राइवेट हैं। सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को नोटिस नहीं दिए गए। निजी जमीन पर रह रहे 11 को नोटिस दिया गया।

मामला कोर्ट से जुड़ा है, कोई कमेंट नहीं करूंगा

कलियासोत और केरवा डेम के 33 मीटर के दायरे में जो अतिक्रमण चिह्नित हुए हैं, उनको नोटिस दिए जा चुके हैं। मामले की एनजीटी में सुनवाई चल रही है, इसलिए कोई कमेंट नहीं करूंगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।