आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एमजी रोड स्थित जिला कोर्ट परिसर में वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से जुड़ी करीब 15 साल पुरानी परेशानी खत्म होने जा रही है। हाई कोर्ट के आदेश पर जिला कोर्ट से लगी होप टेक्सटाइल मिल की करीब 4.5 एकड़ जमीन पर वाहनों की पार्किंग होगी। एक दिसंबर से इस जमीन पर 4 हजार से अधिक दोपहिया और करीब 700 कारों की पार्किंग की जा सकेगी। कोर्ट परिसर की पार्किंग को लेकर हाई कोर्ट द्वारा गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी की निगरानी में मिल की जमीन की लेवलिंग का काम पिछले दिनों शुरू हो गया है।
अगले से 10-12 दिन में काम पूरा होने के बाद सभवत: 1 दिसंबर से वहां पार्किंग होगी। जजों, न्यायिक कर्मचारियों, वकीलों और पक्षकारों के वाहन भी वहीं पार्क होंगे। जिला कोर्ट परिसर में कोई वाहन पार्क नहीं हो सकेगा। जिला कोर्ट की पार्किंग समस्या को हल करने के लिए इससे पहले भी योजनाएं बनी थीं, लेकिन निराकरण नहीं हो सका। अब मिल की जमीन मिलने से परेशानी दूर होगी।
अभी तो पैदल चलना भी होता है मुश्किल
जिला कोर्ट की पार्किंग की परेशानी से जुड़ी करीब 11 साल पुरानी याचिका पर पिछले दिनों हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया था। इसमें मिल की खाली जमीन अस्थायी रूप से कोर्ट के वाहनों की पार्किंग की अनुमति दी गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें जिला कलेक्टर और इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष या सचिव को शामिल किया है। कोर्ट में प्रतिदिन जज, स्टाफ, वकील और पक्षकार सहित अन्य मिलाकर करीब 15 हजार लोग पहुंचते हैं। लगातार संख्या में इजाफा हो रहा है। तीन हजार से तो अधिक वकील ही आते हैं, जिनके वाहन कोर्ट परिसर में पार्क होते हैं। दोपहर में तो परिसर की सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
साढ़े चार एकड़ जमीन होगी यूज
जिला अभिभाषक संघ के सचिव घनश्याम गुप्ता ने बताया, कमेटी ने मिल की करीब 4.5 एकड़ जमीन पार्किंग के लिए चिह्नित की है। इस पर 4 हजार से अधिक दोपहिया और 700 कारों की पार्किंग होगी। अभी जमीन की लेवलिंग का काम चल रहा है। दिसंबर के बाद उक्त जमीन पर शासन की मदद से पेवर ब्लॉक भी लगवाए जाएंगे। पिछले दिनों कमेटी ने जमीन का निरीक्षण भी किया था।
अभी तो यहां एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहन भी नहीं घुस सकते
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया ने बताया जिला कोर्ट परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग के चलते कई बार हालात खराब हो जाते हैं। अप्रिय घटना के समय कोर्ट परिसर में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड वाहन घुसने की जगह नहीं रहती है। होप मिल की जमीन पार्किंग के लिए अस्थायी रूप से मिली है। पीपल्याहाना तालाब के पास बन रहे नए भवन में जिला कोर्ट शिफ्ट होने के बाद यह जमीन वापस की जाएगी।