आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंदौर के नेहरू स्टेडियम में 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना के लिए शासन-प्रशासन के साथ ही कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वहीं कांग्रेस ने मतगणना के पहले अब अलर्ट मोड पर है कि कही कुछ गड़बड़ न हो जाए। इसको लेकर कांग्रेस ने इंदौर जिले के 9 अधिकारियों को हटाने की मांग चुनाव आयोग से रखी है।

एमपी कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने काउंटिंग के दिन मतगणना प्रक्रिया से 9 अधिकारियों को तत्काल हटाने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। इसी के साथ इंदौर के बाहर अन्य जिलों से माइक्रो ऑब्जर्वर को मतगणना में ड्यूटी लगाने की मांग रखी है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से रिटर्निंग अफसरों की नामजद शिकायत की है। कांग्रेस ने कहा ये अधिकारी मतगणना को प्रभावित कर सकते हैं। कांग्रेस पदाधिकारी ने चुनाव आयोग को जाे सूची सौंपी है उसमें अपर कलेक्टर सपना लोवंशी, अपर कलेक्टर और उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह रघुवंशी, अपर कलेक्टर निशा डामोर, अपर कलेक्टर रोशन राय, जिला योजना सांख्यिकी अधिकारी माधव बैंडे, जिला आपूर्ति नियंत्रक मोहनलाल मारू, संयुक्त कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, सहायक आयुक्त आबकारी मनीष खरे, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण प्रवीण उपाध्याय का नाम शामिल है।

अनेक अधिकारियों का कार्य निष्पक्ष नहीं रहा

चुनाव आयोग को नामजद शिकायत मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने दर्ज कराई है। यादव का कहना है कि मतदान के दौरान ऐसे अनेक अधिकारियों का कार्य निष्पक्ष नहीं रहा हैं। ऐसी परिस्थितियों में मतगणना में इन अधिकारियों को तैनात करने से निष्पक्ष मतगणना पारदर्शिता के साथ होने की संभावना नहीं हैं। मतगणना में पारदर्शिता लगभग समाप्त हो जाएगी।