सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :मध्यप्रदेश में चर्चित ट्विशा मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में गले पर दो अलग-अलग निशान मिलने और कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों और कुछ सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि मामले की शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद अब निष्पक्ष और गहन जांच की जरूरत है।

सूत्रों के अनुसार पोस्टमॉर्टम के दौरान गले पर मिले निशानों को लेकर विशेषज्ञों ने भी अलग-अलग संभावनाएं जताई हैं। वहीं कथित तौर पर इस्तेमाल की गई बेल्ट का रिकॉर्ड में स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से जांच एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार से पारदर्शी जांच की मांग की है। कई लोगों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि उपलब्ध सबूतों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं।

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