सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी संस्था आईसेक्ट ने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लिटरेसी मिशन” का शुभारंभ किया।

यह कार्यक्रम एसजीएसयू कैंपस में आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत आईसेक्ट चेयरमैन संतोष चौबे की उपस्थिति में लेखक संतोष शुक्ला की पुस्तक “कृत्रिम बुद्धिमत्ता – कृत्रिम नहीं, असली क्रांति” के विमोचन और मिशन के पोस्टर अनावरण से हुई। इस अवसर पर कुलपति विजय सिंह, कुलसचिव सितेश कुमार सिन्हा, सायबर विशेषज्ञ रघु पांडे, और आईसेक्ट पब्लिकेशन हेड ज्योति रघुवंशी भी उपस्थित रहे।


डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, चांसलर, स्कोप यूनिवर्सिटी ने अपने संबोधन में कहा कि “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय की भाषा है और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का हर युवा इस भाषा को समझे और इसका उपयोग अपने करियर और राष्ट्र निर्माण में करे।” उन्होंने बताया कि यह मिशन स्किल इंडिया मिशन और नीति आयोग के विकसित भारत 2047 विजन के अनुरूप है। संतोष चौबे ने कहा कि इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के एक करोड़ युवाओं को एआई शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता में प्रशिक्षित करना है। उन्होंने एआई लिटरेचर डेटाबेस बनाने की भी घोषणा की। प्रो. अदिति चतुर्वेदी वत्स, प्रो चांसलर, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने कहा कि यह पहल युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप सशक्त बनाएगी और शिक्षा में व्यापक बदलाव लाएगी। मिशन के तहत ‘कौशल रथ’ देशभर में गांव-गांव पहुंचकर युवाओं को एआई, एआर और वीआर तकनीकों से परिचित कराएंगे। इन रथों में डेमो, करियर काउंसलिंग सत्र और निःशुल्क सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।

आईसेक्ट के सभी स्किल नॉलेज प्रोवाइडर्स और फ्रेंचाइजी केंद्रों पर भी निःशुल्क एआई प्रशिक्षण सेमिनार होंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी युवाओं को समान रूप से एआई शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित हो सके। यह मिशन भारत को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में डिजिटल रूप से सशक्त और नवाचार-प्रधान राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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