सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) को बीएमएचआरसी को रक्ताधान चिकित्सा विभाग में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं में हैपेटाइटिस—बी के मरीजों की पहचान करने, उनको ट्रेस करने और ट्रीटमेंट कराने के काम में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कृत किया है।
एनएचएम की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में एनएचएम की प्रबंध निदेशक प्रियंका दास ने बीएमएचआरसी को यह पुरस्कार दिया। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार हैपेटाइटिस—बी और हैपेटाइटिस—सी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम चला रही है। इसके कार्यक्रम में प्रोजेक्ट संपर्क को लिंक किया गया है। प्रोजेक्ट संपर्क के तहत रक्तदान के जरिए एकत्र किए जाने वाले रक्त हैपेटाइटिस—बी या हैपेटाइटिस—सी के संक्रमण की जांच की जानी होती है।
जो रक्तदाता हैपेटाइटिस से संक्रमित पाए जाते हैं, उन्हें ब्लड बैंक में बुलाया जाता है और आवश्यक कार्यवाही करने के बाद ट्रीटमेंट सेंटर भेजा जाता है। बीएमएचआरसी का रक्ताधान चिकित्सा विभाग बीते 24 साल से मनीषा श्रीवास्तव के नेतत्व में पूरी कुशलता के साथ यह काम कर रहा है। इसी संबंध में बीएमएचआरसी को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बीएमएचआरसी को अब ट्रीटमेंट सेंटर का दर्जा भी मिल गया है।
इससे हैपेटाइटिस से पीड़ित गैस पीड़ित मरीजों व अन्य मरीजों को लाभ होगा। बीएमएचआरसी प्रदेश का पहला ऐसा अस्पताल है जहां ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग शुरु हुआ। संस्थान का ब्लड बैंक बरसों से गैस पीड़ितों व अन्य मरीजों को रक्त के घटक उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस को दुनिया भर में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या माना जाता है। अनुमान है कि भारत में 4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस—बी से और 60 लाख से 1.2 करोड़ लोग हेपेटाइटिस—सी से पीड़ित हैं। हेपेटाइटिस बी वायरस या हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी) के दीर्घकालिक संक्रमण से लिवर कैंसर भी हो सकता है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम का उद्देश्य हेपेटाइटिस से मुकाबला करना और 2030 तक देश भर में हेपेटाइटिस सी का उन्मूलन करना, हेपेटाइटिस बी और सी से जुड़ी संक्रमित आबादी, रुग्णता और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है।