हेग। नीदरलैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच लुई वैन गाल प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित होने के बाद भी नवंबर में कतर में होने वाले विश्व कप के लिए टीम के कोच बने रहना चाहते हैं।  गाल ने एक कार्यक्रम में कहा कि मैंने खिलाड़ियों तक को यह नहीं बताया था कि मुझे इस प्रकार की गंभीर बीमारी है।
साथ ही कहा कि चार अभ्यास शिविरों के दौरान मैंने रात के समय इलाज कराया। उन्होंने कहा, ‘आप जिन लोगों के साथ काम कर रहे हों उन्हें इस तरह की बीमारी के बारे में नहीं बता सकते क्योंकि इससे उनकी पसंद, उनकी ऊर्जा भी प्रभावित होने की आशंका रहती है , इसलिए मैंने खिलाड़ियों के सामने बिमारी की बात कभी जाहिर नहीं होने दी।’
कोच ने कहा कि उन्होंने अभी तक 25 रेडिएशन थेरेपी करायी हैं। सा ही कहा, ‘मैं हर समय शाम को या रात को अस्पताल जाता हूं और खिलाड़ियों को इसका पता नहीं लगने देता हूं।’ कोच के इस जज्बे की खिलाड़ियों ने तारीफ की है।