सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय वन प्रबंध संस्थान, भोपाल द्वारा आई एफ़ एस अधिकारियों के लिए “G20 – आउटकम्स एंड वे फॉरवर्ड” विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों में सेवारत आई एफ़ एस अधिकारियों की भागीदारी देखी गई। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. के रविचंद्रन, निदेशक, आईआईएफएम एवं कार्यक्रम निदेशक प्रो. योगेश कुमार दुबे, आईआईएफएम ने की।
अपने उद्घाटन भाषण में, रविचंद्रन ने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान “खनन प्रभावित क्षेत्रों और इसकी बहाली” और “जंगल की आग से प्रभावित क्षेत्रों और इसकी बहाली” को चिन्हित करते हुए आई एफ एस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला साथ ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, देश की 23% भूमि के संरक्षको के रूप में, आई एफ़ एस अधिकारि विविध पारिस्थितिक तंत्र और जैव विविधता के जैव-अर्थव्यवस्था संरक्षण में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, पर्यावरण, वन एवं जल वायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा भारतीय वन प्रबंध संस्थान को जी 20 भारतीय अध्यक्षता पर भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर दिया गया है।
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जी 20 उत्पत्ति और उद्देश्य, जी 20 भारतीय प्रेसीडेंसी और परिणाम, खनन प्रभावित वन परिदृश्य की बहाली, मिशन लाइफ पर्यावरण के लिए जीवन शैली, बहाली पर वैश्विक परिप्रेक्ष्य – वैश्विक भूमि पहल (जीएलआई), सर्कुलर बायो- इकोनॉमी, प्राकृतिक जैव विविधता की वसूली के लिए जंगल की आग से प्रभावित परिदृश्य की बहाली, समुद्री प्रदूषण और कूड़ा प्रबंधन, सतत जल प्रबंधन, एक सतत और लचीली नीली/महासागरीय अर्थव्यवस्था का विकास, गांधीनगर कार्यान्वयन रोडमैप और गांधीनगर सूचना मंच और जैव विविधता संरक्षण और वैश्विक जैव विविधता ढांचा, 2022 सहित विभिन्न प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के सत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में “वन विभागों के कामकाज में सुधार प्रशिक्षण और कौशल में सुधार के माध्यम से कैरियर विकास की आवश्यकता” पर एक इंटरैक्टिव पैनल चर्चा सत्र भी आयोजित किया जाएगा।