आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिले की प्रक्रिया के बीच राजधानी भोपाल में आने वाली सात विधानसभा सीटों में भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट इस समय सबसे हॉट सीट बनी हुई है। कर्मचारीऔर व्यापारी बाहुल्य मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र में रही सही कसर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के टिकट दावेदारों के समर्थक पूरी कर रहे हैं। दोनों ही दलों के दावेदार और समर्थक अभी तक घोषित प्रत्याशियों के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आए हैं, इस कारण मौजूदा परिस्थितियों में दोनों ही दलों के उम्मीदवारों की राह आसान नहीं है बल्कि अपनों के रोड़े हटे बगैर जीत की राह में कांटे पैदा होने की संभावना बढ़ रही है।

भाजपा ने इस विधानसभा से बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और प्रदेश कार्यालय प्रभारी भगवानदास सबनानी को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से सबसे बड़ा दावा पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का था। इसके अलावा बीजेपी के जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, नगर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी दावेदारी कर रहे थे। सबनानी का टिकट फाइनल होने के बाद किशन सूर्यवंशी द्वारा नामांकन के लिए खरीदा गया फार्म अभी पार्टी में चर्चा में है तो इस विधानसभा सीट पर सबसे अधिक चर्चा पूर्व मंत्री गुप्ता को आए हार्ट अटैक को लेकर हो रही है। वैसे तो उमाशंकर गुप्ता को हार्ट अटैक आना हार्ट संबधी बीमारी का असर बताया जा रहा है लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

गुप्ता और अन्य दावेदारों के समर्थकों को निकालना होगा

बीजेपी का ही एक धड़ा कह रहा है कि पार्टी से टिकट पाने के लिए आश्वस्त गुप्ता का टिकट काटे जाने से उन्हें झटका लगा है और हार्ट अटैक इसी का परिणाम है। इसका व्यापक असर भी देखने को मिला कि पूर्व मंत्री गुप्ता के ट्रीटमेंट के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेता उनकी कुशल क्षेम पूछने भी पहुंचे। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी गुप्ता समर्थक पूरी तरह से सबनानी के साथ नहीं आए हैं। ऐसे में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शर्मा को दो दिन पहले सबनानी के कार्यालय खुलवाने के दौरान विधानसभा क्षेत्र में पहुंचना पड़ा ताकि कार्यकर्ता खुलकर सामने आएं। इसी तरह अन्य दावेदारों के समर्थकों को भी अभी प्रचार में उतरना बाकी है। दावेदारों की इस बेरुखी को साधने का काम सबनानी और पार्टी अगले 15 दिनों में करने वाली है ताकि पिछले चुनाव में खोई सीट बीजेपी को फिर वापस मिल सके। इस मैनेजमेंट को मजबूती देने के लिए बीजेपी प्रत्याशी सबनानी मंडल स्तर पर बैठकें करने में तेजी से जुटे हैं।

संजीव के समर्थकों को साधना पीसी के लिए चुनौती

उधर वर्तमान विधायक और कांग्रेस के प्रत्याशी पीसी शर्मा के लिए अपनी जीत को बरकरार रखना बड़ी चुनौती है। शर्मा को भी बीजेपी के सबनानी की तरह अपनी पार्टी के समर्थकों को साधना चुनौती का काम है। इस सीट से दावेदारी कर रहे संजीव सक्सेना अभी तक खुलकर पीसी शर्मा के साथ सामने नहीं आए हैं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने संजीव सक्सेना की नाराजगी दूर करने के लिए उनके भाई को जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन अभी सक्सेना परिवार और उनके समर्थक सामने नहीं आए हैं। इस विधानसभा में सबसे अधिक मतदाता कर्मचारी और व्यापारी हैं, इसलिए बीजेपी प्रत्याशी की तरह कांग्रेस उम्मीदवार शर्मा लोगों से सीधे संपर्क पर फोकस कर रहे हैं ताकि अपनों की नाराजगी की स्थिति में वोटर को साधा जा सके। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी आने वाले दिनों में शर्मा के समर्थन में प्रचार करने आ सकते हैं क्योंकि शर्मा की टिकट मंजूर कराने में उनकी भी भागीदारी रही है। कुल मिलाकर अब दोनों ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को वोटर को मनाने के साथ अपनों को साधना बड़ी चुनौती है और इस कोशिश में सफलता उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त करेगी और राह के कांटों को हटाएगी।