सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : – जिला स्वास्थ्य समिति बैठक कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक के दौरान जिला टास्क फोर्स बैठक में 28 जून को आयोजित राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की जानकारी दी गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इला तिवारी ने स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग सेवाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास की योजनाओं का लाभ प्रत्येक हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए हर बिंदु पर कड़ाई से समीक्षा कर सेवाओं का नियमित फॉलोअप किया जाएगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील सोलंकी सहित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पल्स पोलियो की जिला टास्क फोर्स बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत ने बताया कि 28 जून को आयोजित राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में भोपाल जिले में 3 लाख 32 हजार बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2710 पोलियो बूथ बनाए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने परिजनों से आग्रह किया कि वे 28 जून रविवार को नजदीकी पोलियो बूथ पर अपने 5 साल तक के बच्चे को पोलियो की दवा पिलवाएं। पहले दिन अधिकतम बच्चों को दवा सेवन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता एवं प्रचार प्रसार किया जाए। स्कूल डायरी में पोलियो दिवस की जानकारी दर्ज करने के लिए कहा गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पर चर्चा करते हुए रजिस्ट्रेशन न करवाने वाली निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यक रूप से पंजीयन करवाने के निर्देश दिए गए। तिवारी ने कहा कि पेपरलेस प्रिस्क्रिप्शन, उपचार और बेहतर फॉलोअप की दिशा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा द्वारा व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जा रही है। एबीडीएम में निजी अस्पतालों और क्लिनिक्स का करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले निजी अस्पतालों और क्लिनिक्स का हेल्थ फैसिलिटी एवं हेल्थ प्रोवाइडर पंजीयन सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी के प्रकरणों पर चर्चा की गई। इला तिवारी ने कहा कि हाईरिस्क प्रेगनेंसी के समय पर प्रबंधन न करने के कारण मातृ मृत्यु की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने मॉडरेट एनीमिया, सीवियर एनीमिया, प्रेगनेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन प्रकरणों के चिह्नांकित करने के पश्चात भी प्रबंधन न करने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।
Hashtags: #MadhyaPradeshState #Bhopal #Desksource #एनएन #टवर #आईट #DeskSource #आवश #इसक #उपस