सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर के शोधकेन्द्र के द्वारा सप्ताहव्यापी राष्ट्रीय सर्यशाला का आयोजन 22/12/2023 तक किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्घाटन माँ शारदा के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन कर ज्ञान की ज्योति प्रो. डी. एन.सनसनवाल के आतिथ्य में करुणेश कुमार शुक्ल के मुख्यातिथ्य में तथा पो सुधर्मा की अध्यक्षता में स्थापित की गयी।

मुख्यातिथि के रूप में बोलते हुए कोश कुमार शुक्ल ने बताया कि शोध करना भारतीय परम्परा का बड़ा गुण है। विनम्रतापूर्वक कार्य मे दृढ विश्वास के साथ निरन्तर अनुसन्धान धारा को गड़गा की तरह सतत प्रवाहमान बनाना होगा। विषय विशेषज्ञ के रूप में पी. डी. एन. सनसनवाल ने बताया कि एक आदर्श अधिकारी को शोध की सीमा, अवसर, भावी परिणाम तथा शोध की गुणवत्ता को दान में रखकर शोधपरम्परा को आगे ले जाना चाहिए। समग्रविश्व भारतीयों की और आशा लगा देखता है कि भारत दैध के क्षेत्र में निरन्तर नए-नए प्रतिमान स्थापित करता रहा है। चाहे वह किसी भी प्रकार का सोधक्षेत्र रहा हो।

आप शिक्षाक्षेत्र में शोधकार्य की नवीनता और गुणवता पर जोर देने की आवश्यकता है। धार्थियों को चाहिए कि शोध के मूलभूत सिद्धान्त की जानकारी ग्रहण कर शोध का आदर्श स्थापित करना होगा। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सुबोध शर्मा निर्देशक ने शोधकार्य के लिए भोजन परिसर का शोकेन्द्र निरन्तर बढ़ रहा है। देशभर के शोधकलांगण इस कार्य के माध्यम से दोपरा के मूलभूत सिद्धान्तों को समझकर प्रयोग सभी अतिथियों का स्वागत केन्द्र समन्वयक नीलम तिवारी ने करते हुए की प्रस्तावना से सभी को अवगत कराया।

कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापनका संयोजक रमण ने तथा सम्यालन दाराम पाठक ने किया इस कार्यशाला में कृपाशंकर शर्मा एस कुमार वर्मा में पवन दीक्षित आदि गणमान्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। कल्याण के साथ उद्घाटन का समापन हुआ