सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ (पीएमकेवीवाई) कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को स्वरोजगार और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पीएमकेवीवाई का प्राथमिक उद्देश्य बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण लेने में सक्षम बनाना है, जो उन्हें बेहतर आजीविका दिलाने में मदद करेगा।
इसी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉरमेंस को 690 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देना है, जिसमें सें 310 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण व मूल्यांकन किया गया। 3 माह के इस प्रशिक्षण में उन्हें विडियो एडिटिंग और स्टिल फोटोग्राफी, ग्राफिक डिजाइनिंग, सोलर पी वी इंस्टॉलेशन से सम्बंधित विविध विषयों के बारे में विस्तार से पढ़ाया गया। अन्य 380 छात्रों के प्रशिक्षण आने वाले समय में पूर्ण किए जाएंगे।
पीएमकेवीवाई का लक्ष्य योजना की अवधि के दौरान 1 करोड़ से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रासंगिकता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग हितधारकों के परामर्श से डिजाइन किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में प्रशिक्षुओं को नौकरी के लिए तैयार करने के लिए तकनीकी कौशल और सॉफ्ट कौशल दोनों शामिल हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित करना है ताकि वे रोजगारपरक और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। कौशल विकास योजना का उद्देश्य मौजूदा कार्यबल की उत्पादकता बढ़ाना और उद्योग की जरूरतों के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण और प्रमाणित करना भी है। ट्रेनिंग हेड सुधीर कुमार जैन ने कहा कि यह हमारे केंद्र से इस योजना के अंतर्गत पहले 4 बैच थे। सभी प्रशिक्षुओं ने मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया और उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। क्रिस्प के संचालक अमोल वैद्य, मुख्य विपणन अधिकारी राजेश माहेश्वरी, विपणन अधिकारी फैसल जाफरी, विभागीय प्रमुख व प्रशिक्षण अधिकारी सहित पूरी टीम संस्था की इस उपलब्धि के लिए सराहना करती है। इस टीम में प्रशिक्षक, प्रशासन और अन्य सहयोगी शामिल थे, जिन्होंने मिलकर इन बैच को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।