आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एमपी विधानसभा चुनाव का प्रचार आज थम जाएगा। इस चुनाव में उम्मीदवारों को जिताने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने पूरी ताकत लगाई है। फिल्म अभिनेता और यूपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने भोपाल में दैनिक भास्कर से चर्चा की।

  1. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मोदी-शिवराज डबल इंजन हैं। राहुल प्रियंका मनोरंजन हैं। इस पर क्या कहेंगे?

राज बब्बर: जो आदमी लाड़ली बहनों की बात करके वोट कमाने की बात कर रहा है। उनको इस बात का सहूर और समझ नहीं है कि एक महिला के बारे में कैसे बात की जाती है। बहन-भाई के रिश्ते के बारे में कैसे बात की जाती है। मैं उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन, यह जरूर कहना चाहता हूं कि जहां तक शिवराज जी की बात है। उन्हें पिछले बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद बीजेपी ने मोदी ने उनको चेहरा नहीं बनाया था। उन्होंने क्या विकास किया वो सबको पता है कि उन्हें इस तरह के प्रलोभन देने पड़ रहे हैं।

वो इस बार भी चेहरा भी नहीं है। सात-सात सांसदों तीन मंत्रियों को चुनाव लड़ाया जा रहा है। एक मंत्री के परिवार का तो वीडियो सामने आ रहा है। वे कहते हैं डबल इंजन…शिवराज जी को तो और जनता और बीजेपी ने पिछली बार ही खतरे का इंजन बता दिया था। जिस खटारा इंजन को ट्रेन में लगा ही नहीं रहे वो अपने आप को कैसे डबल इंजन बता रहे हैं? अगर वे खटारा इंजन मोदी जी को भी समझ रहे हैं तो मुझे लगता है मोदी जी यहां मुख्यमंत्री बनकर नहीं आएंगे।

  1. जिस तरह सिंधिया बीजेपी में चले गए, वैसे सचिन पायलट, टीएस सिंहदेव ना चले जाएं, इसके लिए कांग्रेस की क्या रणनीति है?

राज बब्बर: राजनीति में प्रतिस्पर्धा होती है। इसे रोकने के लिए सबसे जरूरी है उसूल… कि आप उसूलों के कितने मजबूत आदमी हैं। घर में चार भाई हैं। चारों भाइयों को पिता बराबर की संपत्ति देता है। लेकिन कोई बेटा छोटा-बड़ा होता है। यह सब परिवार में रहता है लेकिन अगर उस परिवार के अगर उसूल हैं नियम हैं। और जो परिवार के साथ चलते हैं तो परिवार बंधा रहता है। और लोग अगर मैं-मैं करके बाहर चले जाते हैं तो परिवार टूटता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि अब कोई ऐसा करेगा। क्योंकि जो लोग यहां से छोड़कर गए हैं उनका क्या हश्र हो रहा है? ये सब देख रहे हैं।

  1. ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले कांग्रेस में थे अब बीजेपी में हैं। दोनों पार्टियों में उनकी स्थिति में क्या अंतर देख रहे हैं?

राज बब्बर: मैं क्या देखूंगा। यह तो वही बताएंगे।

  1. आपने कहा- ग्वालियर के महल में आम लोग जाएं और चाट खाएं इसका क्या मतलब है?

राज बब्बर: आपने आखिरी वाला शब्द पकड़ा। मेरा यह मानना है कि इतने बड़े-बड़े जो महल हैं। ये सब थे तो जनता के ही…राजा महाराजा तो सब जनता के ही थे। लेकिन, आज भी सारे बड़े महल और बड़ी प्रॉपर्टी में सारी फाइव स्टार, सेवन स्टार और हेरिटेज होटल बन रहे हैं। लेकिन इनमें सारे पैसे वाले लोग ही जाते हैं। जो एक लाख 50 हजार रोजाना के कमरे के का किराया देते हैं वही जाते हैं। मेरा मानना है कि जो भी महल है उसे पर्यटन स्थल बनाया जाए।

वैसे भी ग्वालियर में कोई पर्यटन स्थल नहीं है। तो एक ऐसी चौपाटी, जैसा पर्यटन स्थल बनाए जहां पर काउंटर लगे हुए हों। लोग चाट पकौड़ी खाएं और वहां अच्छे डस्टबीन लगाइए। वहां पर लोग चाट खाएं और दोनों फेंक कर जाएं। पर्यटन होगा तो अच्छा रहेगा हैदराबाद के निजाम ने ऐसा किया भी है। वहां पर्यटन स्थल है लोग जाते हैं इससे लोगों के अंदर एक अच्छी भावना होगी। शाम को लोग बच्चों और परिवार के साथ जाएंगे। घूमने की जगह बनेगी। मेरा यह मानना है।

Q.क्या कमलनाथ सरकार बनने के बाद जय विलास पैलेस पर्यटन स्थल घोषित किया जाएगा?

राज बब्बर: जहां वे (सिंधिया) रहते हैं वो स्थान रहे लेकिन, बाकी जगह होटल को देने की बजाय पर्यटन स्थल विकसित किया जाना चाहिए।

  1. बीजेपी ने एक नारा दिया है ‘एमपी के मन में मोदी’ इस पर आप क्या कहेंगे?

राज बब्बर: मैं समझता हूं कि मुझे ऐसी उम्मीद नहीं है कि मोदी जी यहां पर मुख्यमंत्री बनकर आएंगे।

  1. मप्र में कैसा माहौल दिख रहा है?

राज बब्बर: मैं लोगों के बीच में मध्य प्रदेश में जहां तक घूमा हूं। तो बहुत साफ माहौल नजर आ रहा है। लोगों में बदलाव को लेकर बहुत ज्यादा जोश और उत्साह है। लोगों में गुस्सा भी है क्योंकि, लोगों ने पिछली बार भी बदलाव किया था लेकिन उनके द्वारा चुनी हुई सरकार को किस तरह कृत्रिम तरीके से पैसे के बल पर तोड़ दिया गया। और शिवराज जी दोबारा मुख्यमंत्री बनकर आ गए। ये गुस्सा इस बार कांग्रेस के लिए फिर बदलाव लेकर आएगा।

  1. बीजेपी लीडरशिप मप्र में पूरी ताकत लगा रही है। कांग्रेस इनसे कैसे निपट पाएगी?

राज बब्बर: सच्चाई यह है कि भाजपा अपने सारे नेतृत्व को लेकर बड़े-बड़े वादे और प्रलोभन दे रही है कि कहां से कहां पहुंचा देंगे। तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। लेकिन, हम जो देख रहे हैं कि उनसे कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं बल्कि, जनता लड़ रही है। जनता के लिए जो हितकारी वादे हैं उन्हें पूरा करने के लिए हम कटि बद्धता के साथ हम जनता के साथ जुड़े हैं। चाहे वह नारी सम्मान हो, किसानों का कर्ज माफी हो, एमएसपी की बात हो। इन सारी बातों के पीछे विश्वास जुड़ा है। पिछले बार कमलनाथ जी आए थे और भी सरकार में किसानों के कर्ज माफ कर रहे थे कि उनकी सरकार तोड़ दी गई तो लोगों के बीच में कांग्रेस के प्रति एक विश्वास है। छत्तीसगढ़ या बाकी दूसरे राज्य कांग्रेस अपने वादे पूरे कर रही है।

कर्नाटक में जैसे ही कांग्रेस सरकार में आई। वैसे अपने वादे पूरे किए। इस तरह का भरोसा कांग्रेस के प्रति है इसी तरह का भरोसा मध्य प्रदेश में भी है। पिछली बार बीजेपी वालों ने कर्नाटक की सरकार तोड़ दी थी। तो जनता में उसे बात का आक्रोश था और जनता ने इस बार दोगुने विधायक जिताए हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश में 150 से ज्यादा विधायक जीतेंगे। पुराने जमाने में एक छटंकी चलती थी। बहुत छोटी होती थी उसी प्रकार ये जनादेश की छटंकी भी छीन कर नहीं ले जा पाएंगे।