आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शहर में सबसे बड़ा दशहरा मैदान का 111 फीट ऊंचाई वाला रावण 1 मिनट 18 सेकंड में जलकर भस्म हो गया। यहां 250 फीट की लंका भी बनी थी। जब इस लंका में आग लगाई गई तो एक पटाखा उड़कर रावण के पैर में जा लगा इससे रावण भी जलने लगा। इतना ही नहीं शहर के लोगों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी रावण बनाया और आग लगाकर चीन के सामान का विरोध किया। तिलक नगर ग्राउंड पर मोबाइल की लाइट जलाकर पंडित भवानी कश्यप सहित अन्य को श्रद्धांजलि भी दी गई।
विजयादशमी पर कई स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतलों का दहन हुआ। मुख्य कार्यक्रम दशहरा मैदान, तिलक नगर, चिकमंलूर चौराहा, उषागंज (छावनी), आईटीआई रोड, विजय नगर, लक्ष्मीबाई नगर आदि स्थानों पर था। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी छोटे-बड़े दशानन के पुतलों का दहन किया गया। इन सभी स्थानों पर काफी संख्या में भीड़ उमड़ी।
सबसे बड़ा रावण दशहरा मैदान पर 111 फीट का बना था। इसका दहन शाम 7 बजे हुआ। इसके साथ ही ढाई सौ फीट लम्बी लंका का भी दहन किया गया। चिमनबाग में 101 फीट का रावण, लक्ष्मीबाई नगर में 60 फीट, तिलक नगर में 51 फीट, उषा गंज में 51 फीट के रावण बनाए गए थे। इस बार खास यह है कि संस्था ‘पौरुष’ द्वारा महालक्ष्मी नगर में शूर्पणखा का भी दहन किया गया।
इन कलाकारों ने किया था रावण के पुतले का निर्माण
दशहरा मैदान रावण दहन समिति के सत्यनारायण सलवाडिया ने बताया कि शाम 5.30 बजे महू नाका चौराहा से शोभा यात्रा निकली तथा 7.30 बजे रावण का दहन किया गया। कलाकार लक्की सलवाडिया, धर्म सिंह सिसोदिया, प्रवीण हरगांवकर,मनोज आर्या, लालू लाहोरिया द्वारा रावण के पुतले का निर्माण किया था। चिमनबाग रावण दहन समिति के अनिल यादव ने बताया कि इस बार 101 फीट का रावण बनाया गया था। इसके साथ ही ढाई सौ फीट लम्बी लंका भी बनाई गई। खास बात यह कि इस बार दशानन का एक-एक सिर आतिशबाजी से अलग किया गया था। इस बार रावण की मुद्रा हाथ में गदा लिए थी।
रावण ने खुद किया आतिशबाजी, रामजी को भी ढूंढ़ा
उषागंज, छावनी रावण दहन समिति के किशोर मीणा ने बताया कि इस बार यह 38वां आयोजन है। इसमें रावण पटरी सिस्टम से आगे पीछे चला और रामजी को ढूंढ़ा। लोगों के मनोरंजन के लिए इस बार रावण खुद आतिशबाजी किया। ऐसे ही बिजली सिस्टम के तहत वह बार-बार गिरगिट की तरह रंग बदला। तिलक नगर रावण दहन समिति के मीत कश्यप ने बताया कि यह 62वां वर्ष है। इस बार 51 फीट रावण और 101 फीट लम्बी लंका बनाई गई। कार्यक्रम संत समाज के आतिथ्य में था।
EC को शिकायत के बाद ‘शूर्पणखा’ थाने में:दहन से पहले ही पुतला जब्त, कांग्रेस ने लगाया विजयवर्गीय पर बयान सिद्ध करने का आरोप, शाम को प्रतीकात्मक दहन
दशहरा पर पहली बार होने वाला शूर्पणखा के पुतले का दहन विवादों में आ गया है। इस मामले में कांग्रेस ने इसे भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयर्गीय के पूर्व के बयान (शूर्पणखा वाले) से जोड़ा और चुनाव आयोग को शिकायत की। शिकायत में कहा गया कि संस्था ‘पौरुष’ ने विजयवर्गीय के कहने पर शूर्पणखा के पुतले का दहन रखा है। इसके बाद चुनाव आयोग हरकत में आया और दोपहर को पुलिस कुछ लोगों के साथ आयोजक के महालक्ष्मी नगर स्थित घर पहुंची और पुतला जब्त किया।
इस मामले में आयोजक के बयान हुए और उन्होंने तर्क दिए कि संस्था संस्कारहीन व कानून का दुरुपयोग करने वाली महिलाओं के खिलाफ है। ‘रामायण’ में शूर्पणखा ही राम-रावण के युद्ध का खास कारण थी। हालांकि पुलिस ने आयोजक के तर्क को दरकिनार कर दिया।