सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: चाइल्ड राइट्स ऑब्ज़र्वेटरी मध्यप्रदेश, आर्ट डिज़ाइन टीचर्स फ़ोरम वार्षिक कैलेंडर टर्निंग पॉइंट का लोकार्पण गरिमामय समारोह में संपन्न हुआ। कला शिक्षकों की कला पर आधारित इस वार्षिक उपक्रम का ये सातवाँ संस्करण हैं जो लोकप्रिय कला शिक्षक स्व. शील चन्द्र जैन के कला अवदान को समर्पित है। टर्निंग पॉइंट 7 का लोकार्पण साँची बौद्ध-भारतीय अध्ययन विश्वविद्यालय के उप कुलपति बैद्यनाथ लाभ, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन के निदेशक धीरज कुमार और आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव और कलाकार देवीलाल पाटीदार और शीला भांबल के कर कमलों से संपन्न हुआ।
मंजरी लाइब्रेरी हॉल में संपन्न इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने शील चंद्र जैन की कला पर चर्चा की और उनके योगदान को सराहा। साँची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बैद्यनाथ लाभ ने कहा कि शील चन्द्र जैन के चित्र उनके प्रकृति प्रेम और रंग चयन को दर्शाते हैं। उनके चित्रों में एक इतिहास भी प्रदर्शित होता है। आयुक्त लोकशिक्षण अनुभा श्रीवास्तव ने कहा कि जैन साहब जैसा विलक्षण कलाकार और कला शिक्षक सरकारी स्कूल में था इस बात का गर्व हा।
उन्होंने कहा कि आगामी एक-दो साल में मध्ययप्रदेश में हज़ारों कला शिक्षकों की नियुक्ति होगी जिससे कला में छात्रों की रुचि बढ़ेगी और बेहतर कला संस्कार होंगे। एन आई डी के डायरेक्टर धीरज कुमार ने कहा कि इतनी विविधता लिए हुए शील चन्द्र जैन के काम एक कल्पनाशील कलाकार शिक्षक के बस की ही बात है। कुमार ने कहा कि वाटरकलर सबसे कठिन माध्यम हा और उनके 60-70 साल पुराने चित्रों में इसका इस्तेमाल अचरज भरा हा।
सेरामिस्ट देवीलाल पाटीदार ने कहा कि शील चन्द्र जैन को वाश तकनीक में महारथ हासिल थी और उन्होंने ओपेक रंगों के इस्तेमाल का नया तरीक़ा अपनाया। शुरुआत में शील चन्द्र जैन के मित्र और संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से नवाज़े गये 92 वर्षीय संगीतज्ञ वसंत शेवलिकर ने वायलिन प्रस्तुति से जैन साहब का स्मरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में कला प्रेमी, कलाकार, चाइल्ड राइट्स ऑब्ज़र्वेटरी के पदाधिकारी और जैन साहब के परिवार जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनिल शुक्ल ने किया।