सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में महिलाओं में उम्र बढ़ने पर होने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में भोपाल की जानी मानी महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक श्रद्धा अग्रवाल, माधुरी चंद्रा, शशि श्रीवास्तव व नेहा गुप्ता ने संगोष्ठी में उपस्थित बीएमएचआरसी के कर्मचारियो को सवाईकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व आॅस्टियोपोरोसिस के बारे में जानकारी दी। संगोष्ठी की अध्यक्षता बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने की।

संगोष्ठी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भोपाल की वरिष्ठ गायनोकोलॉजिस्ट व गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की पूर्व प्रोफेसर माधुरी चंद्रा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं में होने वाले कैंसर में चौथा सबसे आम कैंसर हैं। यह भारत में कैंसर की वजह से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। भारत में 18.7 प्रतिशत महिलाएं इस कैंसर से पीड़ित हैं और 11.7 प्रतिशत महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है। एचपीवी संक्रमण बहुत आम है, और लगभग 80% यौन सक्रिय लोग अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार एचपीवी संक्रमण के संपर्क में आते हैं, लेकिन सिर्फ 1 प्रतिशत से भी कम लोगों में यह कैंसर का रूप ले पाता है। जब यह वायरस शरीर में बहुत लंबे समय तक रहता है और अपने आप नष्ट नहीं होता है, तो कैंसर का कारण बन जाता है।
चंद्रा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं को अपनी जांच कराना आवश्यक है। इस कैंसर की भयावहता को समझते हुए ही केंद्र भारत सरकार ने इस बीमारी को गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चलने वाली राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया है। इसके तहत भारत सरकार 30 से 65 वर्ष उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की जांच कराती है।

आॅल इंडिया एडोलसेंट एंड जुवेनाइल गाइनोकॉलजी की आॅर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ श्रद्धा गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन काफी कारगर है। शोध बताते हैं कि इस वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर के मामलों में नब्बे फ़ीसदी की कमी लाई जा सकती है। विदेशों में ऐसा देखा गया है कि जिन देशों ने अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एचपीवी वैक्सीन को शामिल किया है, वहां इस इस बीमारी के मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है। यह वैक्सीन 9—14 वर्ष की उम्र की लड़कियों को लगाई जाती है। भारत सरकार ने भी इस वर्ष आम बजट में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन को बढ़ावा देने की बात कही है।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एकमात्र ऐसा कैंसर है, जिसकी रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने बताया कि हम 11 मार्च को अस्पताल के स्वास्थ्य केंद्र में सर्वाकल कैंसर की जांच के लिए एक शिविर का आयोजन करेंगे। आने वाले समय में महिलाओं में होने वाले बीमारियों के बारे में कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम किए जाएंगे।