सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में सर्वाइकल केंसर पर एक व्याख्यान माला का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसको उपेक्षित नहीं किया जा सकता है।
भारत में मृत्यु दर का दूसरा बड़ा कारण है सर्वाइकल कैंसर। 18% महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर होता है, जिनमें से 11% महिलाओं की मृत्यु इसी बीमारी से हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर के बारे में महिलाएं जितना जाने उतना ज्यादा अच्छा है।
सरकार ने इस वर्ष बजट में HPV वैक्सीन को बढ़ावा देने की बात कही है। इससे महिलाओं को स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित किया जा सकेगा।
जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल की वरिष्ठ कैंसर चिकित्सक डॉ नीलू मेहरोत्रा, जो कि “भारत रत्न इन्दिरा गांधी” अवार्ड से सम्मानित हैं, ने अपने व्याख्यान में कहा कि प्रतिवर्ष सर्वाइकल कैंसर के 5 लाख नए मामले पाये जाते हैं, जिसमे से 80% केस विकासशील देशों के होते हैं। उन्होंने बताया कि यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है। एचपीवी संक्रमण बहुत आम है, और लगभग 80% यौन सक्रिय लोग अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार एचपीवी संक्रमण के संपर्क में आते हैं, लेकिन सिर्फ 1 प्रतिशत से भी कम लोगों में यह कैंसर का रूप ले पाता है।
जब यह वायरस शरीर में बहुत लंबे समय तक रहता है और अपने आप नष्ट नहीं होता है, तो कैंसर का कारण बन जाता है। यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण HPV संक्रमण है। जो आनुवांशिकी, केमिकल्स का प्रयोग, तम्बाकू सेवन, दूषित खान-पान, ओद्यौगिक प्रदूषण से होता है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए 9-26 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए टीकाकरण की सलाह दी जाती है। सर्वाइकल कैंसर के लिए शारीरिक जांच, पैप स्मियर, कोलोस्कोपी, HPV डीएनए परीक्षण किए जाते हैं।
इससे भयावह बीमारी कोई नहीं है। इसकी थोड़ी सी सावधानी थोड़ी सी सूझबूझ से इससे मृत्यु दर में थोड़ी कमी लाई जा सकती है। पहले हृदय रोग सबसे बड़ी बीमारी थी अब उसका स्थान कैंसर ने ले लिया है।