सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित चार दिवसीय शिव गीता दिव्य कथा का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान सैकड़ों व्यक्तियों ने मार्गदर्शक सदगुरु का हाथ थामा और मंत्र दीक्षा ली। कथा समापन के बाद नागरिक अभिनन्दन और गुरु आरती कर सुधांशु महाराज को विदाई दी गई। भोपाल मंडल द्वारा आयोजित शिव गीता कथा के समापन समारोह में उत्तर भोपाल के विधायक भगवान दास सबनानी पहुंचे और आशीर्वाद लिया।

भोपाल में आखिरी दिन की कथा में सुधांशु महाराज ने कहा कि सद्गुरु को अपने हृदय मंदिर में रोज आमंत्रण दें। सद्गुरुदेव के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं। भगवान श्रीराम ने अगस्त्य ऋषि के निर्देशानुसार भगवान शिव की आराधना आरंभ की थी। चार महीने की कठोर साधना के बाद भगवान शिव एवं माता पार्वती और समस्त देवी-देवता प्रकट हुए। भगवान श्रीराम ने उनकी स्तुति की। भगवान शिव नंदी पर आरूढ़ हैं।

महाराज ने कहा कि नंदी धर्म के प्रतीक हैं और जिसके जीवन में धर्म है उसी के ऊपर भगवान शिव की कृपा होती है। भगवान के स्वरूप को जानकर एवं उनको पाकर ही व्यक्ति समस्त दुखों से उभर जाता है। गुरुदेव ने उपस्थित सभी भक्तों के उज्जवल भविष्य एवं मंगलमय जीवन के लिए आदियोगी भगवान शिव जी से प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं ने महाराज से ली मंत्र दीक्षा

प्रातःकालीन सत्र में सैकड़ों लोगों ने सुधांशु महाराज से मंत्र दीक्षा ली। कार्यक्रम का समापन नागरिक अभिनन्दन एवं गुरु आरती के साथ सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मंडल प्रधान एमपी उपाध्याय ने भोपाल मंडल के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुदेव के कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर मिशन की गतिविधियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए कहा।