सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 Km लाइन बिछाने में कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें 8 मेट्रो स्टेशन भी है, जबकि 3.39 Km रूट अंडरग्राउंड होगा और इसी में 2 मेट्रो स्टेशन भी रहेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले दूसरे फेज के लिए आज CM डॉ. मोहन यादव वर्चुअली भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद काम की शुरुआत की जाएगी।

मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी एम्स से करोंद तक का रूट कुल 14.99 Km लंबा है। इसमें सुभाषनगर से एम्स के बीच 6.22 Km का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद अब कमर्शियल रन की तैयारी है। मई-जून में कमर्शियल रन का टारगेट है। इसलिए 3 स्टेशन डीआरएम ऑफिस, एम्स और अलकापुरी तक काम तेजी से चल रहा है। जबकि डीआरएम ऑफिस तिराहे पर स्टील ब्रिज बनाने की शुरुआत भी हो गई है। इसके साथ ही अब सुभाष नगर से करोंद तक के रूट को लेकर भी काम शुरू हो गया है। कुल 8.77 Km के लिए टेंडर प्रोसेस होने के बाद आज भूमिपूजन किया जाएगा।

दो फेज में होगा काम…

फेज-1 : 650 करोड़ में 6 स्टेशन बनेंगे

सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के रूट में कुल 2 फेज में काम होगा। कुल 8.77 Km में से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसमें 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यूआरसी कंस्ट्रक्शन यह काम करेगी। यही कंपनी सुभाष नगर, डीबी मॉल, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, आरकेएमपी, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस और एम्स स्टेशनों का काम भी कर रही है।

कब पूरा करना है

साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा।

इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशन

पुल बोगदा

ऐशबाग

सिंधी कॉलोनी

डीआईजी बंगला

कृषि उपज मंडी

करोंद

फेज-2 : 3.39 Km रूट अंडरग्राउंड, 890 करोड़ रुपए में बनेगा

8.77 Km के रूट में 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। अंडरग्राउंड रूट के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुकी है। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसकी भी NOC समेत अन्य प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।

कब पूरा करना है

काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।

यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रो

सुरंगें सिंधी कॉलोनी, ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

प्रायोरिटी कॉरिडोर में अब तक 80% काम पूरा

प्रायोरिटी कॉरिडोर एम्स से सुभाष नगर के हिस्से की बात करें तो ओवर ऑल 80% से अधिक काम पूरा हो चुका है। सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और कमलापति स्टेशन का स्ट्रक्चर पूरा हो चुका है। केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल और एमपी नगर के स्टेशनों पर छत का काम अंतिम दौर में है। फिर फिनिशिंग और अन्य काम होंगे। इसके साथ ही अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस और एम्स स्टेशनों के काम में भी तेजी लाई गई है।

रेलवे ट्रैक और मेन रोड पर दो स्टील ब्रिज बनेंगे

भोपाल में मेट्रो के लिए 103 मीटर लंबे दो स्टील ब्रिज बनेंगे। डीआरएम ऑफिस में पहले 48 मीटर लंबे ब्रिज के काम की शुरुआत भी हो चुकी है। 28 मार्च तक ब्रिज के गर्डर, स्ट्रक्चर और असेंबलिंग का काम पूरा हो जाएगा। इधर, 65 मीटर लंबा दूसरा ब्रिज रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से अप्रूवल मिलने का इंतजार है। राजस्थान के अलवर में ब्रिज बने हैं। ये दिल्ली मेट्रो जैसे ही डिजाइन किए गए हैं।

अब तक 3 मेट्रो आई

गुजरात के सांवली (बड़ोदरा) से भोपाल में कुल 3 मेट्रो आ चुकी है। एक मेट्रो अक्टूबर में आई थी। वहीं, फरवरी में दो ट्रेन आई थीं। 6 बड़े ट्रॉलों में सभी 6 कोच लाए गए थे। इसके बाद इनकी मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल के अलावा सॉफ्टवेयर टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई थी। 50 से अधिक इंजीनियर्स, सुपरवाइजर इस काम में जुटे थे। इसके बाद इन्हें डिपो के ट्रैक पर ही दौड़ाया जा रहा है। 15 मार्च के बाद इन्हें मेन लाइन यानी, सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन के बीच दौड़ाया जाएगा।

भोपाल में 3, इंदौर में 2 ट्रेनें आईं

​​​​​​​भोपाल में कुल 27 और इंदौर में 25 मेट्रो आएंगी। हर मेट्रो ट्रेन में 3-3 कोच है। अब तक इंदौर में 2 और भोपाल में 3 ट्रेनें आ चुकी हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह में ही चौथी ट्रेन आएगी। इंदौर में तीसरी ट्रेन भी मार्च में आ सकती है।