आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रात के 11 बजे…। जगह भोपाल की पुरानी जेल। 100 मीटर पहले ही बेरिकेडिंग। जैसे ही अंदर एंटर हुए पुलिसकर्मी ने रोककर आने की वजह पूछी, फिर आगे जाने की इजाजत मिली। मुख्य गेट पर एक इंस्पेक्टर, 2 एसआई समेत 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि अंदर पैरामिलिट्री फोर्स यानी सीआईएसएफ के जवान। अंदर उन्हें ही जाने दिया जा रहा था, जिनके पास एजेंट के कार्ड थे। बाकी को जाने की सख्त मनाही थी। एक घंटे बाद यानी 12 बजे पुलिसकर्मियों की शिफ्ट बदल गई। नए जवानों ने सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया।
17 नवंबर को भोपाल के 2049 पोलिंग बूथ पर वोटिंग कराने के बाद जो ईवीएम वापस लाई गई थी, उन्हीं की सुरक्षा में यह व्यवस्था है। पुरानी जेल में स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है। जहां 3 दिसंबर को काउंटिंग होगी और सातों विधानसभा क्षेत्रों में उतरे कुल 96 कैंडिडेट्स की किस्मत का फैसला होगा। इससे पहले दैनिक भास्कर ने स्ट्रॉन्ग रूम पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जाना।
सबसे पहले जानते हैं, कैसे है सुरक्षा घेरा
वोटिंग के बाद 18 नवंबर की सुबह तक सभी ईवीएम और डाक मतपत्र स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिए गए थे। इसी दिन से यहां पर तीन स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था है। पुरानी जेल के परिसर के गेट पर ही बेरिकेडिंग की गई है। यहां पर 24 घंटे पुलिस जवान तैनात रहते हैं, जो चेकिंग करते हैं। ड्यूटी कर रहे इंस्पेक्टर शैलेष मिश्रा ने बताया कि पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स सुरक्षा कर रहे हैं। बिना परिचय पत्र देखे किसी को भी अंदर जाने की परमिशन नहीं है। शिफ्ट वाइज ड्यूटी कर रहे हैं।
जेल के मुख्य गेट पर हर 8-8 घंटे में सीएसपी इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों के जिम्मे व्यवस्था होती है। गेट के अंदर प्रवेश पर एजेंट की चेकिंग की जाती है। बाहर से गेट तक कुल 200 पुलिसकर्मी 24 घंटे सुरक्षा करते हैं।
गेट के बाद पैरोमिलिट्री फोर्स सीआईएसएफ के जवान के हवाले सुरक्षा व्यवस्था है। आर्म्स फोर्स हर समय नजर रखते हैं। ताकि, परिंदा भी पर नहीं मार पाए।
इसके बाद स्ट्रॉन्ग रूम के गेट पर भी सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं, जो एजेंट या फिर हर हरकत पर नजर रखते हैं।
CCTV कैमरों की लाइव फीड ले रहे एजेंट
पुरानी जेल में जिस जगह स्ट्रॉन्ग रूम है, ठीक उसके बाहर सभी कैंडिडेट्स के एजेंट बारी-बारी से मोर्चा संभाले हुए हैं। खास बात ये हैं कि कांग्रेस के साथ बीजेपी ने भी अपने एजेंट तैनात किए हैं, जो स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड ले रहे हैं। इसके लिए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर 16 एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। कुछ में पूरे जेल की लाइव फीड मिल रही है।
कांग्रेस कैंडिडेट के एजेंट बोले-कोई गड़बड़ी न हो, इसलिए नजर रख रहे
कांग्रेस और बीजेपी कैंडिडेट के एजेंट हर 4 से 6 घंटे के बीच स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तैनात हैं। कैंडिडेट के एक एजेंट के आने के बाद दूसरे एजेंट को बैठने दिया जाता है। यानी, एक समय में एक कैंडिडेट का एक ही एजेंट रह सकता है। रात साढ़े 11 बजे भोपाल उत्तर के एक एजेंट अंदर गए। सबसे पहले पुलिस ने उनका परिचय पत्र देखे और रजिस्टर में एंट्री की। अंदर जाते ही एजेंट की चेकिंग हुई। फिर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टेंट में बैठने दिया। इस एजेंट के जाते ही पहले से तैनात एजेंट को बाहर भेज दिया गया।
भोपाल उत्तर से कांग्रेस कैंडिडेट के एजेंट आमिर सिद्धीकी ने बताया कि पार्टी ने कुल 10 कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है, जो हर 4 घंटे में शिफ्ट वाइज तैनात है। रात 12 बजे आने वाला एजेंट सुबह 8 बजे तक ड्यूटी करता है। रखवाली इसलिए कर रहे हैं कि किसी प्रकार की गड़बड़ न हो।
एजेंट अलताफ खान ने बताया, यहां खा-पीकर ही आता हूं। सिर्फ पानी की बोतल ले जाने देते हैं। रात में ठंड न लगे, इसलिए रजाई है।
सुरक्षा के लिए यह भी खास…अफसर भी करेंगे एंट्री
सुरक्षा का दायरा इतना ज्यादा है कि जिम्मेदार अफसर भी यदि आते हैं तो उन्हें भी रजिस्टर पर एंट्री करना पड़ती है। 23 नवंबर को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने भी रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे। ऐसी ही व्यवस्था अन्य अधिकारियों पर भी लागू होती है।