आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल देहात क्राइम ब्रांच की एक टीम और भोपाल क्राइम ब्रांच की एक टीम जुटी है। वारदात का संदेह पारदी गिरोह पर है।
आरोपियों की तलाश में चार टीमें छापेमारी में जुटी
बलखिरिया थाने के प्रभारी कुवर एस मुकाती ने बताया कि आरोपियों का फिलहाल कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। सूखी सेवनिया के बाद आरोपियों की लोकेशन नहीं मिल सकी है। सूखी सेवनिया थाना, बिलखिरिया थाना और देहात क्राइम ब्रांच सहित भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम भी आरोपियों की तलाश में जुटी है। वारदात का संदेह पारदी गिरोह पर है। भोपाल के आस पास वारदातें करने वाले तीन पारदी गिरोह भी चिन्हित किए गए हैं। हुलिये के आधार पर इन गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
यह है मामला
केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) स्थित राजधानी फेस-2 निवासी 78 वर्षीय रामप्रकाश विरमानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के तकनीकी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सिद्धार्थ विरमानी कर्नल हैं और इन दिनों उनकी तैनाती जम्मू के उधमपुर जिले में है। वह अपने पत्नी और बच्चों के साथ जम्मू में ही रहते हैं। जबकि पत्नी की मृत्यु के बाद रामप्रकाश विरमानी भोपाल में छोटे बेटे शालिन विरमानी के साथ रहते हैं। शालिन एमपी आनलाइन में नौकरी करते हैं।
फरियादी रामप्रकाश ने बताया कि 14 नवंबर की रात करीब 2 बजे थे। अचानक किसी ने गेट नॉक किया। मैंने पूछा कौन है, जवाब मिला औ अंकल गेट खोलो तुम्हे लूटने आए हैं। क्योंकि मैं डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन मैं पदस्थ रहा हूं। मेरी पोस्ट कर्नल के सिमीलर थी। मुझे हमला करने और डिफेंस करने की ट्रेनिंग मिली थी। सैनिक होने के नाते मैंने बदमाशों से लोहा लेने का फैसला लिया। मुझे लगा कि आरोपी दो और ज्यादा हुए तीन होंगे। मेरे घर में बेटा शालीन विरमानी भी घर में मौजूद था। लिहाजा मैं तैयार था, कि दो तीन लोग होंगे तो हम उन पर हावी हो जाएंगे। मैंने आरोपियों को डराने की नियत से बेटे को आवाज देते हुए कहा की मेरी बंदूक लेकर आ मैं इन्हें गोली मारता हूं।
एक आरोपी ने जवाब दिया तुम क्या मारोगो, हम घर में दाखिल हो गए थे तुम्हें जरूर जान से मार देंगे। यह सुन मैने उन्हें चुनौती दी, मार क्या मारेगा। एक आरोपी ने गुलेल निकाली और उसमें गोल स पत्थर लगाकर मेरे पर फायर कर दिया। इससे मेरी छाती में दिल के करीब चोट लगी है। इससे छाती में नील तक पड़ गया है। आरोपी का निशाना बेहद अचूक था।
बहुत ही कम जगह से उसने मुझ पर निशाना साधा और वह मेरे सीने पर ही लगा। अचानक दूसरे कमरे से आवाजें आने लगी। देखा तो तीन चार बदमाश बड़े से कटर से ग्रील की रॉड को काट रहे थे। तब जान बचाने मैं और बेटा एक कमरे में बंद हो गए। आरोपियों ने पूरे मकान की तलाशी ली और 6 से 7 लाख रुपए के जेवरात और नकदी लेकर चंपत हो गए।