आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल के पीरगेट स्थित कर्फ्यू वाली माता मंदिर परिसर से दो बहनों के किडनैपिंग में गिरफ्तार सातवें आरोपी अशोक कुमार को 5 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ की जाएगी कि शक्ति के साथ मिलकर उसने अस्पताल में कितनी बिन ब्याही मां की डिलीवरी कराई है। ऐसे बच्चों का क्या किया। बच्चों की खरीद-फरोख्त के मामलों में वह भी शामिल रहा है कि नहीं।
साधारण परिवार का होने बाद भी उसने चंद साल में करोड़ों रुपए की संपत्ति कैसे बनाई। उसके लैपटॉप में मौजूद डेटा के संबंध में भी पुलिस पूछताछ करेगी। जो दो लिस्ट पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बरामद की हैं, उनमें दर्ज नामों में कितने लोग ऐसे थे, जिन्होंने उसके अस्पताल में अनवॉन्टेड डिलीवरी कराई हैं।
अर्चना को पीरगेट लेकर पहुंची पुलिस
एसीपी आभा प्रभा शर्मा ने बताया कि अर्चना को पीरगेट स्थित घटना स्थल पर ले जाया गया। वहां से तकनीकी साक्ष्य उसकी निशानदेही पर जब्त किए गए हैं। आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। अर्चना का कहना है कि पीरगेट के अपहरण कांड से पूर्व उसने ऐसी किसी वारदात को अंजाम नहीं दिया है।
पुलिस को CDR का इंतजार
पुलिस को आरोपियों द्वारा मोबाइल पर आपस में की गई बातचीत की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) का इंतजार है। रिपोर्ट आने पर पुलिस क्रॉस वेरिफिकेशन करेगी। आरोपी अशोक ने पुलिस को बताया कि उसके अस्पताल में 3-4 डॉक्टर आते थे। जो डिलीवरी या सर्जरी करते थे। पुलिस इन डॉक्टर्स की डिटेल भी निकाल रही है। आरोपी अर्चना के कोलार रोड स्थित इंग्लिश विला में मिली अकीरो का डीएनए टेस्ट करा लिया है।
कोलार की इंग्लिश विला से बरामद की थी बच्चियां
भोपाल में काजल (8) और दीपावली (11 महीने) को कर्फ्यू वाली माता मंदिर परिसर थाना कोतवाली क्षेत्र से कन्या भोज कराने के बहाने बीते 22 अक्टूबर को अगवा किया था। बच्चियों की पहचान न हो, इसके लिए आरोपियों ने दोनों का मुंडन करा दिया था। बच्चियों को क्राइम ब्रांच ने कोलार के इंग्लिश विला से बरामद किया था।
मामले में अर्चना सेन, मुस्कान बानो, सूरज सेन, निशांत रामा स्वामी और 14 साल की अर्चना की नाबालिग बेटी को घटना के तीसरे दिन गिरफ्तार कर लिया था। बाद में दिल्ली से डॉक्टर शक्ति उर्फ सीमा और डॉक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया।