सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जापानी बुखार अर्थात मस्तिष्क बुखार (जेपेनीज इंसेफेलाइटिस) के संक्रमण से बचाने 1 से 15 साल की उम्र के बच्चों को जेपेनीज इंसेफेलाइटिस का टीका 27 फरवरी से लगेगा। स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल में 9 लाख बच्चों को सिंगल डोज लगाए जाने का टारगेट रखा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां कर ली है। साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वैक्सीनेशन की विशेष ट्रेनिंग दी है।
सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भोपाल में 27 फरवरी से 1 साल से 15 साल तक की उम्र के बच्चों को जेपेनीज इंसेफेलाइटिस का वैक्सीन लगाया जाए्रगा। इस वैक्सीन के लगाए जाने से बच्चों में मस्तिष्क बुखार फैलाने वाले वायरस से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा होगी। उन्होंने बताया कि 1 साल से कम उम्र के बच्चों को इस बुखार का वैक्सीन अभी नहीं लगेगा। 1 साल से कम उम्र के बच्चों कोजेपेनीज इंसेफेलाइटिस का टीका वैक्सीनेशन के अगले चरण में लगेगा।
1 साल से कम उम्र के बच्चों को लगेगें वैक्सीन के दो डोज
सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने बताया कि 1 साल से कम उम्र के बच्चों को जेपेनीज इंसेफेलाइटिस वैक्सीन के दो डोज लगाए जाएंगे। पहला डोज बच्चे को जन्म के 9 महीने के बाद लगेगा। जबकि दूसरा बच्चे की उम्र 16 महीना होने पर लगेगा। लेकिन, 27 फरवरी से शुरू हो रहे जेपेनीज इंसेफेलाइटिस वैक्सीनेशन प्रोग्राम में 1 साल से कम उम्र के बच्चों को यह वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।
वैक्सीन लगने के बाद नहीं आएगा बुखार …
भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जेपेनीज इंसेफेलाइटिस का टीका लगने के बाद संबधित बच्चे को बुखार अथवा कोई दूसरा सेहत में बदलाव नहीं होगा। कुछ बच्चों को वैक्सीन लगने के बाद जहां टीका लगाया गया है, उस स्थान पर रेडनेस की प्रोब्लम हो सकती है। लेकिन, जहां टीका लगा है, उस स्थान की रेडनेस को दूर करने के लिए कोई मेडिसिन (दवा) बच्चे को लेने की जरूरत नहीं होगी। वैक्सीन जिस स्थान पर लगी है, उस स्थान पर हुई रेडनेस स्वत: ही कुछ ही मिनटों बाद ठीक हो जाएगी।