आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मेरी बेटियां किस हाल में होंगी, यह सोचकर न नींद आ रही है और न भूख-प्यास है। परेशान हूं, कुछ समझ ही नहीं आ रहा है। ऐसा क्या करूं, जिससे मेरी बच्चियां मुझे मिल जाएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि बच्चियों को जल्द तलाश लेंगे। दोनों औरतों के फोटो हमें दिखाए गए। हमने उन्हें पहचान लिया है। बस मेरी बेटी मिल जाएं, हम यहां से लौट जाएंगे।

यह बेबसी उस मां की है जिसकी दो मासूम बेटियां अगवा हो गई। भोपाल में कर्फ्यू वाली माता मंदिर के बाहर शनिवार सुबह यह वारदात हुई है। जिसका सोमवार सुबह तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस की 5 टीमें लगातार सर्चिंग कर रही हैं।

मामला सामने आने के बाद दैनिक भास्कर की टीम बच्ची काजल (8 साल) और दीपावली (11 महीने) की मां से बात करने पहुंची। पता चला कि वह रविवार सुबह से रात तक मंदिर के बाहर बैठी हुई है। उसे उम्मीद है कि उसकी बेटियां यही लौटकर आएगी।

कई घंटे बाद भी बच्चियांं नहीं आई

कर्फ्यू वाली माता मंदिर पीरगेट पर बैठी महिला लक्ष्मी ने बताया- शनिवार को मैं मंदिर के बाहर बैठी थी। ननद रवीना भी मेरे पास ही थीं। सुबह करीब 10 बजे दो महिलाएं आई। एक दूर खड़ी रही। एक ने पास आकर कहा कि कन्या भोज है। बच्चियों को खाना खिलाना है। हमने सोचा कि कई लोग यहां आते हैं। वे गरीबों को भोजन कराते रहते हैं, पैसा देता हैं। इन महिलाओं की यही इच्छा होगी।

मैने दोनों बच्चियों को खाना खिलाने ले जाने कह दिया। लगा था कि नवरात्र चल रहे हैं। मंदिर के बाहर ही बैठाकर बच्चियों को खाना खिला देगी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। चंद मिनट ही हुए होंगे कि दोनों बच्चियां आंखों से ओझल हो गई। हमने साेचा कि आसपास ही उनका घर होगा। वहां ले गई होंगी। जल्द ही लौट आएंगी।

नवरात्र में लोग दान कर रहे हैं। ऐसे में रुपया जमा हो जाए तो बच्चों को पालने में दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद मैंने ननद खाना खाया और मांगने में व्यस्त हो गई। जब कई घंटे बीत गए और बच्चियां नहीं आई तो हमें चिंता होने लगी। आसपास उनकी तलाश शुरू की। नहीं मिली तो मैंने पति मुकेश को फोन लगाया। उनके आने बाद हमने FIR दर्ज कराई।

10:38 पर रेत घाट पर लगे कैमरों में कैद हुई महिलाएं

दोनों आरोपी महिलाएं 10:38 पर अपने मोपेड वाहन से रेत घाट चौकी के सामने से गुजरती कैमरों में कैद हुई हैं। इसके बाद उनकी लोकेशन नहीं ट्रेस हो सकी है। यहां से तमाम दिशाओं में जाने वाले कैमरों को पुलिस चेक कर रही है। जिससे आरोपी महिलाएं किस दिशा में गई यह साफ हो सके।

बुआ बोली- अच्छे घराने की दिख रही थी दोनों

बच्चियों की बुआ रवीना का कहना है कि मेरी मासूम भतीजियों को जिन महिलाओं ने किडनैप किया है वह अच्छे घराने की दिख रही थीं। खाना खिलाने के बहाने उन्होंने अपहरण क्यों किया यही सोच रही हूं। उस दिन लाेग मंदिर के आसपास बच्चियों को खाना खिला रहे थे। इसी वजह से हमने जाने दिया। हमें क्या पता था कि वे बच्चियों को अगवा करने आई थी।