आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजधानी भोपाल में प्रदूषण का स्तर अभी भी ‘पुअर’ है। जिन इलाकों में कंस्ट्रक्शन चल रहे हैं, वहां स्थिति ज्यादा खतरनाक है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लेवल 300 के पार है। हालांकि, गुरुवार शाम को कुछ इलाकों में एक्यूआई 238 तक आ गया। एक्सपर्ट की मानें, तो यह लेवल भी सेहत के लिए ठीक नहीं है। इधर, नगर निगम स्वीपिंग मशीनों के जरिए सड़कों से धूल साफ तो कर रहा है, लेकिन ये इंतजाम शहर की आबादी और क्षेत्रफल दोनों के लिहाज से काफी नहीं है। जरूरत 21 स्वीपिंग मशीनों की है, पर मौजूद सिर्फ 3 है।

स्वीपिंग मशीनें ऐसे इलाकों की सड़कों से धूल साफ कर रही है, जहां बड़े निर्माण कार्य नहीं चल रहे हैं। इनमें होशंगाबाद रोड, रोहितनगर जैसे इलाके शामिल हैं, जबकि एमपी नगर, कोलार रोड जैसे इलाकों में मशीनों का उपयोग नहीं हो रहा है। यही ऐसे इलाके हैं, जहां पर मेट्रो, सिक्स लेन, ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, पर निगम का यहां कोई ध्यान नहीं है।

खुले में होने वाले निर्माण कार्य ज्यादा जिम्मेदार

पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडेय ने बताया कि शहर में 60% प्रदूषण होने की वजह खुले में होने वाले निर्माण कार्य है। कोलार सिक्सलेन इसमें से एक है। निर्माण को लेकर गाइडलाइन पहले से तय है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा। साॅलिड वेस्ट का डिस्पोजल भी नहीं हो रहा है।

जिम्मेदारों का यह तर्क

निगम के स्वास्थ्य स्वच्छता अधिकारी रवि बाथम बताते हैं कि होशंगाबाद रोड पर ज्यादा डस्ट नहीं है। रोहितनगर में भी धूल की मात्रा कम निकल रही है। राकेश शर्मा ने बताया कि चार्टवाइज धूल साफ करवा रहे हैं। बारिश के बाद ज्यादा धूल निकल रही है।

बारिश के बाद ज्यादा बढ़ा प्रदूषण

बारिश के बाद से ज्यादा प्रदूषण बढ़ा है। स्थिति यह हो गई है कि दिवाली की रात में जितना एक्यूआई था, उससे अधिक अब हो गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रमुख इलाकों में लेवल 300 से अधिक चल रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि जिन इलाकों में कंस्ट्रक्शन के कारण धूल उड़ रही है वहां पानी का छिड़काव हो और सभी कंस्ट्रक्शन साइट को ग्रीन नेट से कवर किया जाए तो धूल पर नियंत्रण किया जा सकता है।

चाहे मेट्रो हो या सिक्सलेन प्रोजेक्ट। ये ग्रीन नेट से कवर नहीं किए गए हैं। एमपी नगर में तो पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, जबकि एक्यूआई बढ़ने के बाद कोलार में पानी का छिड़काव किया जाने लगा है।