आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल में कांग्रेस की सबसे मजबूत सीट रही उत्तर विधानसभा में पार्टी और परिवार की आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है। इस सीट से 6 बार के कांग्रेस विधायक आरिफ अकील के बेटे और कांग्रेस कैंडिडेट आतिफ अकील के सामने चाचा आमिर अकील ने ताल ठोंक दी है। आमिर ने निर्दलीय के रूप में फॉर्म भर दिया है। ऐसी ही तस्वीर हुजूर विधानसभा क्षेत्र की भी है। दो पुराने दोस्त नरेश ज्ञानचंदानी और जितेंद्र डागा चुनाव में आमने-सामने हो सकते हैं। ज्ञानचंदानी कांग्रेस कैंडिडेट हैं, जबकि डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है।
दोनों सीटों पर बगावत सामने आने के बाद अब कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। खुद कैंडिडेट्स भी मान-मनोव्वल में लगे हैं। 2 नवंबर को फॉर्म वापस लेने के सवाल पर आमिर ने कहा कि मैंने विड्रॉल करने के लिए फार्म नहीं भरा है। मैं चुनाव लड़ूंगा और जीतूंगा। उधर, कांग्रेस कैंडिडेट आतिफ ने आमिर को परिवार का सदस्य होने की दुहाई देते हुए कहा कि उन्हें (चाचा आमिर) मना लेंगे। नामांकन भरने के बाद दैनिक भास्कर ने कांग्रेस कैंडिडेट्स और बगावत करने वाले प्रत्याशियों से बात की।
ऐ दोस्त तुने ऐसे दोस्त को खोया है- आमिर
अभी जो धूप निकलने के बाद सोया है।
तमाम रात मुझे याद करके रोया है।
ऐ दोस्त तुने ऐसे दोस्त को खोया है।
जो तेरे साथ हंसा है, तेरे साथ रोया है।
आमिर अकील ने शायर नवाब वहाब जबलपुरी की इस गजल से अपनी बात की शुरुआत की। कहा, कमलनाथ के सर्वे में मेरा नाम सबसे ऊपर था। इसके बाद भी मुझे टिकट नहीं मिला। यह पार्टी ही जाने कि क्या प्रेशर रहा होगा? आमिर अकील ने उनके (भाई आरिफ अकील) कहने के अनुसार ही काम किया है। यदि मैं विधायक होता तो मैं विधानसभा में प्रश्न उठा रहा होता। मैं पिछले एक साल से बैकफुट पर हूं। अब तय कर लिया है कि चुनाव लड़ूंगा। मैं जीतूंगा, ये भी पक्का है। आमिर का सीधा मुकाबला बीजेपी कैंडिडेट आलोक शर्मा से होगा।
वे कोई बात नहीं टालते: आतिफ
चाचा आमिर के मैदान पर उतरने के सवाल पर कांग्रेस कैंडिडेट आतिफ ने कहा कि चाचा मेरे बड़े हैं। आरिफ अकील साहब की बात कोई नहीं टालता। वे (आमिर) भी नहीं टालेंगे। सब मेरे साथ हैं। छह बार से कांग्रेस जीती है। अबकी बार सातवीं बार भी जीतेंगे।
इन्होंने भी ताल ठोंकी
आमिर अकील के साथ नासिर इस्लाम और दो बार के पार्षद रहे मोहम्मद शफी ने भी उत्तर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फॉर्म भरा है। वे 40 साल से विधायक आरिफ अकील के साथ हैं और विधायक प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। नासिर इस्लाम भी लंबे समय से कांग्रेस में रहे हैं। वे भी अब मैदान में उतर रहे हैं।
चुनाव लड़ने के सवाल पर मो. शफीक ने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता कि कांग्रेस प्रत्याशी विधायक जैसे अहम पद के लिए वे योग्य हैं। सबसे पहले अनुभव, जनाधार और विधानसभा के बारे में जानकारी होना चाहिए। केवल सीटिंग विधायक के बेटे होने पर उन्हें टिकट दे दिया गया, ये मुझे अच्छा नहीं लगा। कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं से बात हुई, लेकिन वहां से जब कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ रहा हूं।
अकील साहब से मैं 40 साल से जुड़ा हूं, लेकिन खुद की जगह बेटे को मैदान में उतारने की यह अच्छी परंपरा नहीं है। मैदान से हटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 2 नवंबर की दोपहर में ही पता चल सकेगा कि कौन बचेगा, कौन रहेगा।