सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नवाचार की नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए, मैनिट भोपाल के वास्तुकला एवं योजना विभाग में 26 सितम्बर 2025 तक पाँच दिवसीय विकसित करना प्रायोजित “एप्लीकेशन ऑफ 3डी स्कैनर इन अर्बन प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर” कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए 25 प्रतिभागी, जिनमें छात्र, शोधकर्ता, डिज़ाइनर, इंजीनियर, प्रोफेसर और टेक्निकल एन्थूज़ियास्ट्स शामिल हैं, को 3डी लिडार स्कैनिंग तकनीक की परिवर्तनकारी क्षमताओं को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। कार्यशाला का समन्वय वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के जगदीश सिंह, सुप्रिया व्यास और नेहा प्रणव कोल्हे द्वारा किया जा रहा है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को 3डी स्कैनिंग की नवीन तकनीकों, अनुप्रयोगों और सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराना है। प्रतिभागी अत्याधुनिक 3डी स्कैनिंग उपकरण के साथ व्यावहारिक अनुभव क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ इंजीनियर शांतनु मिश्रा (ड्विज कंसल्टेंट्स) द्वारा प्राप्त करेंगे। सत्रों में मूलभूत सिद्धांतों से लेकर जटिल अनुप्रयोगों तक विषयों को शामिल किया गया है, जैसे डिज़ाइन, निर्माण, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण, वास्तविक समय डेटा संग्रहण, वॉक-थ्रू मॉडलिंग, समावेशी डिज़ाइन और दुर्गम स्थलों की स्कैनिंग।

उद्घाटन अवसर पर डॉ. अर्शी पराशर ने कार्यशाला के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि “3डी स्कैनर आर्किटेक्चर और अर्बन प्लानिंग के क्षेत्र में समय की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि 3डी स्कैनिंग तकनीक आज विकास को नए आयाम दे रही है और रचनात्मकता के साथ-साथ सटीकता को भी बढ़ा रही है। इस कार्यशाला से प्रोफेशनल्स और अकादमिक जगत के बीच सहयोग तथा ज्ञान-साझाकरण को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, यह 3डी स्कैनिंग अनुप्रयोगों में भविष्य की प्रगति के लिए एक महत्त्वपूर्ण उत्प्रेरक सिद्ध होगी।
#3DLiDAR #आर्किटेक्चर #डिज़ाइनवर्कशाला #भोपाल #अर्बनप्लानिंग