सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रूप में मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के कार्यकारी अभियंता अजय शुक्ला उपस्थित थे। इस अवसर पर शुक्ला ने, सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिक से अनुरोध करते हुए, ऊर्जा को किस प्रकार संरक्षित की जा सकती है, से सभी को परिचित कराया।

उन्होंने कहा कि, एक यूनिट बिजली की बचत से हम दो यूनिट बिजली उत्पादन करने के बराबर बचत होगी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि, हम ऊर्जा के उत्पादन में भले ही सहयोग न दे पाए, किंतु ऊर्जा के संरक्षण में सहयोग अवश्य दे सकते हैं। शुक्ला ने कहा कि, हमें नए उन्नत उपकरणों का उपयोग करना चाहिए, जिनकी स्टार रेटिंग अधिक होती है और इनसे पुराने उपकरणों को बदल देना चाहिए।

इससे हम काफी मात्रा में बिजली का संरक्षण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि, हमें रोज़ मर्रा के जीवन में ऊर्जा के अप्वय को भी रोकना चाहिए। जैसे कमरों में लाइट, पंखे जब कोई ना हो तो उन्हें बंद करें। प्रेशर कुकर, सोलर वॉटर हिटर, सोलर कुकर इत्यादि का इस्तेमाल कर हम ऊर्जा की खपत को कम कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी ने कहा कि, विकसित भारत के लिए ऊर्जा भी एक पैमाना है। हमें नेट कार्बन एमिशन जीरो करना है अर्थात हमें कार्बन उत्सर्जन को शून्य पर लाना होगा।

उन्होंने कहा कि, पृथ्वी का तापमान यदि 2 डिग्री बढ़ जाता है, तो पृथ्वी पर हाहाकार मच जाएगा। कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा और कहीं भूकंप जैसी समस्याएं बढ़ जाएगी। तिवारी ने बताया कि, हमारी ऊर्जा का 21% उपयोग केवल रोशनी करने में ही खर्च होता है। उन्होंने एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट के उपयोग बढ़ाने के लिए आवाहन किया। हमें शासन की विभिन्न योजनाओं का भी लाभ उठाना चाहिए। इस क्षेत्र में पेड़ लगाना सबसे महत्वपूर्ण है हमें ऊर्जा के महत्व को समझना होगा और ऊर्जा संरक्षण के लिए अपना योगदान देना होगा। तभी हम विकसित भारत का सपना साकार कर सकेंगे।

कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की वरिष्ठ सलाहकार साधना सिंह बिसेन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम अंत में आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र की वरिष्ठ सलाहकार स्मिता राजन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा सहित विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।