सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय था, “विकसित भारत के लिए स्वदेशी तकनीकियाँ”।
संगोष्ठी का यह विषय भारत शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा 6 जनवरी 2024 को लॉन्च किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मिशीगन तकनीकी विश्वविद्यालय,अमेरिका, के भौतिक शास्त्री और भौतिक विभाग के प्रमुख प्रो. रविंद्र पांडे उपस्थित थे। प्रो. पांडे ने नेनो मटेरियल के ऊर्जा क्षेत्र में इस्तेमाल पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा अब नैनों मटेरियल को देखने की तकनीक विकसित हो गई हैं। जैसे लाइट माइक्रोस्कोप और इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप जिसकी सहायता से नेनो मटेरियल को देखा जाना संभव हुआ है । पांडे ने नेनो मटेरियल को देखने की विभिन्न तकनीकों को उदाहरण सहित समझाया।
उन्होंने बताया कि, किस प्रकार नैनों मटेरियल का निर्माण किया जाता है। नैनो मटेरियल के गुण – धर्म निर्धारण में रमन स्पेक्ट्रम का बहुत अधिक उपयोग किया जाता है। पांडे बताया कि, किस प्रकार सौर ऊर्जा के निर्माण में नैनों मटेरियल का उपयोग किया जाता है। नेनो तकनिकी के उपयोग
फोटो वोल्टिक मटेरियल सौर उर्जा को विद्युत उर्जा में बदलते हैं। फोटो वोल्टिक सैल निर्माण में सिलिकॉन के प्रयोग के महत्व को स्पष्ट किया। नैनो मटेरियल की सहायता करें फोटो वोल्टिक सैल की विद्युत उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय तिवारी ने कहा कि, आज के कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाना है। उन्होंने कहा कि, हमें 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए दोगुनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी। इसके लिए हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर बल देना होगा। प्रो. तिवारी ने उपस्थित विद्यार्थियों से कहा कि, आपको वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए मॉडलिंग सिमुलेशन का उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने “डॉक्टर सी. वी. रमन” के जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि, नैनो टेक्नोलॉजी के कारण ही हमारे मोबाइल फोन का वजन काम हुआ है। रमन स्कैनर पर डीआरडीओ में कार्य किया जा रहा है। रमन स्कैनर आज दुनिया के फिंगरप्रिंट की तरह है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि, आज नैनो पदार्थ के क्षेत्र में अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। प्रो. तिवारी बताया कि, किस तरह से नेनो तकनीक से कैंसर तक का इलाज संभव होता है। हम सभी को रमन इफेक्ट के को समझना चाहिए। भारत औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें युवाओं के लिए बहुत सारे मौके आने वाले हैं। इसके लिए युवाओं को तैयार रहना चाहिए। प्रो. तिवारी ने कहा कि, विज्ञान का लाभ जब तक समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक ना पहुंच जाए, तब तक विज्ञान का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए हमें बहुत कठोर परिश्रम की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में भोपाल के अनेक महाविद्यालयों के शिक्षकों एवम विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने डॉ. सी वी रमन के जीवन परिचय एवं विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय की वरिष्ठ सलाहकार साधना सिंह बिसेन द्वारा किया गया और अंत में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुल सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुशील मंडेरिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।