सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में दस दिवसीय राष्ट्रिय नाट्यशास्त्र कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भर्तृहरिरचित नीतिशतक का प्राचीन शारदालिपि की हस्तलिखित पांडुलिपि पर आधारित एक नूतन संस्करण का लोकार्पण राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान के पूर्व कुलपति राधावल्लभत्रिपाठी, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के सदस्य सचिव सच्चिदानंद मिश्र एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक रमाकान्त पाण्डेय के द्वारा किया गया।

नीतिशतक का शारदापाठ के इस संस्करण के सम्पादक सुज्ञान कुमार माहान्ति ने बताया कि यह पहली बार नीतिशतक का शारदापाठ का प्रकाशन हुआ है। लग भग दो हजार वर्ष पूर्व शारदालिपि राजा भर्तृहरि के समय प्रचलित थी।

अतः यह संस्करण भर्तृहरि का मौलिक पाठ है। नीतिशतक जैसे संस्कृत भाषा के प्राचीन साहित्य का पुनरुद्धार एवं नाट्यशास्त्र जैसे प्राचीन ग्रन्थों का संरक्षण में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर अग्रीम भूमिका निभा रहा है। कार्यशाला में प्रायः100 प्रतिभागी हैं जो कि भारत के दस राज्यों से आये हुए हैं । कार्यशाला में नाट्यशास्त्र एवं उसके प्रयोग पर विचार विमर्श होगा।