सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के महिला अध्ययन विभाग द्वारा भारतीय महिलाएँ सिद्धांत, शोध और परिप्रेक्ष्य विषय पर पुस्तक लेखन कार्यशाला का उद्घाटन को समाजशास्त्र विभाग के सेमिनार हॉल में किया गया। यह कार्यशाला पीएम-यूएसएचए योजना के सॉफ्ट कंपोनेंट के अंतर्गत सीईडीएमएपी, भोपाल के सहयोग से आयोजित की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उत्सव का हिस्सा है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी पुस्तक भारतीय महिलाएँ सिद्धांत, शोध और परिप्रेक्ष्य की रूपरेखा को अंतिम रूप देना है। इसके माध्यम से विभिन्न विद्वानों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर पुस्तक की विषयगत संरचना, अध्याय विभाजन और शोध पद्धति पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में महिला अध्ययन से जुड़े विभिन्न आयामों—सैद्धांतिक दृष्टिकोण, अनुभवजन्य शोध, सांस्कृतिक संदर्भ और अंतर्विभाजक दृष्टिकोण—पर गहन चर्चा की गई, ताकि पुस्तक भारतीय महिलाओं के जीवनानुभवों और अंतर्विषयी शोध की समृद्धि को प्रतिबिंबित कर सके। उद्घाटन सत्र की शुरुआत महिला अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रुचि घोष दस्तीदार के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सहयोगात्मक अकादमिक लेखन और भारतीय महिलाओं के अनुभवों के दस्तावेजीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्तव्य राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू), भोपाल की राका आर्या ने दिया। उन्होंने महिला अध्ययन में सिद्धांत और व्यवहार के समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारतीय महिलाओं की बदलती स्थिति और सांस्कृतिक विविधताओं पर विचार साझा किए। विशेष वक्तव्य संस्कृत विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष हरिराम रैदास ने दिया। उन्होंने भारतीय चिंतन, साहित्य और ज्ञान परंपरा में महिलाओं के योगदान के सांस्कृतिक और दार्शनिक आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति एस.के. जैन के मार्गदर्शन में किया गया। सत्र की अध्यक्षता विवेक शर्मा ने की, जबकि पीएम-यूएसएचए योजना की समन्वयक अभिलाषा भास्कर और रेखा खंडिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जया फूकन ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला आयोजित होगा, जिसमें तकनीकी सत्र, सहभागात्मक चर्चाएँ और सहयोगात्मक लेखन अभ्यास आयोजित किए जाएंगे।

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