सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय वन प्रबंध संस्थान द्वारा सतत वन प्रबंधन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इन प्रशिक्षण में लगभग 23 पेशेवरों के एक विविध समूह ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में देश के विभित्र राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिश कार्यक्रम अधिकारी, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीएचडी स्कॉलर्स कार्यक्रम प्रमुख एवं अन्य हितधारक शामिल रहे। इम कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्थायी वन प्रबंधन प्रथाओं में प्रभावी भागीदारी के लिए आपत्यक कौशल विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता के. रविचंदन, आईएफास, निदेशक (मुख्य अतिथि); मनमोहन यादव, डीन, सी.पी. काला, अध्यक्ष (एमडीपी), तथा एमडी ओमप्रकाश, कार्यक्रम निदेशक, आईआईएफएम ने की।
अपने उद्घाटन भाषण में, रविचंद्रन ने भारत में वानिकी की समृद्ध विरासत एवं स्थिरता के अंतर्विहित सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, वानिकी पर्यावरणीय मुद्दों का एक सरल एवं सक्तिनाली समाधान है. जिसमें पेह जलवायु परिवर्तन और अन्य संबंधित चुनौतियों से निपटने में एका मौलिक उपकरण के रूप में काम करते हैं।
सतत वन प्रबंधन (एनएफएम) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एमएफएम न केवल बन संरचनाओं, कार्यों और सेवाओं का संरक्षण सुनिश्चित करता है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन में जाने बाने समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों, जैसे जलवायु परिवर्तन का भी विविध समाधान प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, रविचंद्रन ने टिकाऊ वन प्रबंधन प्रयाओं को लागू करने के लिए आवश्यक सात विपयत क्षेत्रों और मानदंडों तथा संकेतकों के बारे में भी चर्चा की।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिक्षित विशेषज्ञों द्वारा सत्र लिए जायेंगे, जिसमें गहरा वन प्रबंधन (एनएफारम) मानदंड एवं संकेतक, एमएफएमः भारत पहल, वन प्रमाणन का परिचय तथा भारतीय वन और लकड़ी प्रमाणन योजना, टिकाऊ के लिए कृषि वानिकी, भूज्य प्रबंधन व अधिप्रबंधन एवं वन संसाधन लेवानन, जैसे आवश्यक विषयों को नामित किया गया है। साथ ही सतत प्रबंधनका रास्ता विषय पर एक पैनल चर्चा सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभानियों द्वारा विषय को गहराई से समाने के लिए रातापानी वन्यजीव अभयारण्य की क्षेत्रीय यात्रा भी करेंगे।