सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में छह दिवसीय भारतीय ज्ञान परंपरा स्रोत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

यह कार्यक्रम केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के संरक्षण में सम्पन्न हुआ।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली व भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के संयुक्त उपक्रम में आयोजित हुआ। इस समापन सत्र में मुख्य अतिथि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. सुरेशकुमार जैन, भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग, नई दिल्ली के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो.गंटी सूर्यनारायण मूर्ति एवं सह समन्वयक श्री अनुराग देशपांडे उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम की सह संयोजिका डॉ. रजनी वी. जी. उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. रमाकांत पाण्डेय ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेशकुमार जैन ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि यह प्रशिक्षण भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित है जिससे सभी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे।

आप सभी अपने अपने क्षेत्रों में विद्वान हैं परंतु हम अपनी दिनचर्या के कारण इन सभी को भूल जाते है। भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग नई दिल्ली के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. गंटी सूर्यनारायण मूर्ति ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आप सभी का सहयोग सराहनीय है कि इस परिसर में आप सभी ने अपनी भारतीय संस्कृति व परंपरा के साथ छह दिनों तक प्रवास किया।

भारतीय ज्ञान परंपरा नई दिल्ली के सह समन्वयक श्री अनुराग देशपांडे ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि यहां सभी विभिन्न स्थानों से आए 130 प्राध्यापकों ने प्रशिक्षण का लाभ लिया। सभी की रुचि की सराहना की एवं आगे के प्रशिक्षणों की जानकारी दी।

कार्यक्रम अध्यक्ष परिसर निदेशक प्रो. रमाकांत पाण्डेय ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विभिन्न स्थानों से पधारे विद्वानों के प्रशिक्षण का स्थान हमारा परिसर रहा। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम की सभी को आवश्यकता है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पधारे प्राध्यापकों ने इन छह दिनों के अपने अनुभव साझा किए। भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वयक व सह समन्वयक ने परिसर की आयोजन समिति का सम्मान किया। इस शिक्षक प्रशिक्षण
कार्यक्रम की सह संयोजिका शिक्षाशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ रजनी वी. जी. ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस सत्र का संचालन डॉ. मंजू सिंह ने किया।