सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित केन्द्रीय संस्कृत विश्वद्यालय के भोपाल परिसर में 2 मार्च 2024 तक भारतीय ज्ञान परंपरा स्त्रोत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के संरक्षण में आयोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) नई दिल्ली व भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
इस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भारतीय ज्ञान प्रणाली, नई दिल्ली, के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो.गंटी सूर्यनारायण मूर्ति व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), मुख्य कार्यालय नई दिल्ली के संयुक्त सचिव प्रो. मंथा श्रीनिवासु तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली नई दिल्ली के सह समन्वयक अनुराग देशपांडे, परिसर के शोध केंद्र के समन्वयक एवं शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष नीलाभ तिवारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक रमाकांत पांडेय ने की।
यूजीसी के संयुक्त सचिव मंथा श्रीनिवासु ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम प्राध्यापकों को प्रशिक्षण देगा और आगे जाकर अनेक अध्यापकों को प्रशिक्षित करने का दायित्व आप सभी पूरा करेंगे। यह प्रशिक्षण आप सभी को भारतीय ज्ञान परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
भारतीय ज्ञान प्रणाली नई दिल्ली के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. गंटी सूर्यनारायण मूर्ति ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आचार्य वही है जो भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यह कार्यक्रम केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में करने का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास है। हम सभी यहां शिक्षक छात्र बनकर आए हैं परंतु हम सभी को आचार्य बनकर जाना है।
छात्र सभी हो सकते हैं परंतु आचार्य हर कोई नही बन सकता। कार्यक्रम के अध्यक्ष परिसर निदेशक प्रो रमाकांत पांडेय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली से जोड़ने के लिए ही आप सभी की इस परिसर में व्यवस्था की गई है। हम सभी आंग्ल पद्धति से निकलकर भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़ने का प्रयास करेंगे उन्होंने कहा कि अधिति, बोध, आचरण, प्रचार के माध्यम से ज्ञान