आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जगह- मुख्यमंत्री आवास। समय- मंगलवार रात 12:30 बजे। मौका- शिवराज सिंह चौहान का इंटरव्यू। मुखातिब होते ही सीएम ने कहा- जनसभा के कारण विलंब हो गया। मैंने पूछा- आचार संहिता में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजा सकते, फिर अभी तक जनसभा?
सीएम बोले- 10 बजे तक लाउडस्पीकर और फिर दिल का स्पीकर। लोगों का प्रेम भाव इतना होता है कि हर कोई मिलना चाहता है। हाथ मिलाना चाहता है।
एंटी इनकंबेंसी? घोषित नहीं करने के बाद भी लोगों के बीच सीएम फेस कैसे? अगला सीएम कौन? मुफ्त की योजनाओं से क्या बेरोजगारी नहीं बढ़ेगी? जैसे सवालों पर क्या बोले शिवराज, पढ़िए पूरी बातचीत…
- हाईकमान ने घोषित नहीं किया, लेकिन लोगों के बीच में आप CM फेस बन गए?
ये जनता का प्यार है। मैं ऐसा सौभाग्यशाली भाई हूं, जिसकी करोड़ों बहनें हैं। 1.31 करोड़ तो लाड़ली बहनें ही हैं। कोई राखी बांधती है तो कोई माथा चूमती है। सभा में कई बहनें फूट-फूटकर रोने लगती हैं। अब जनभावनाओं का तो हम कुछ नहीं कर सकते।
- आपने जनसभा में 5वीं बार CM बनाने के लिए कहा था। क्या अगले सीएम आप होंगे?
CM और CM फेस, ये सारे काम भाजपा संसदीय समिति का है। भाजपा का उद्देश्य विकसित मप्र का निर्माण करना है। इस बड़े उद्देश्य को लेकर पूरी भाजपा आगे बढ़ रही है। इसके लिए मुझे जो काम सौंपा जाएगा, मैं करूंगा।
- एक दिन में 10-10 सभाओं की क्या जरूरत?
अब तक 100 से अधिक क्षेत्रों में सभाएं कर ली हैं। उम्मीदवार जहां-जहां बुलाते हैं, जाना मैं कर्तव्य समझ लेता हूं। मेरी कोशिश थी कि 230 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच सकूं, लेकिन समय कम है। फिर भी 15 नवंबर तक 70 और क्षेत्रों तक पहुंच ही जाऊंगा।
- तीन चुनाव जिताने वाली शिवराज-तोमर की जोड़ी अब पहले की तरह सक्रिय नहीं है?
ऐसा नहीं है। हम सब पूरी तरह सक्रिय हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। उनके आने से हमें बल मिलता है। केंद्र के नेता पहले भी आते रहे हैं। इससे ताकत बढ़ती है। एक-दूसरे के सपोर्ट से ही भाजपा इतनी बड़ी पार्टी हुई है। मैं भी प्रचार के लिए गुजरात गया था।
- अधिकतर पुराने नामों को ही टिकट दिया गया। क्या इससे एंटी इनकंबेंसी नहीं बढ़ेगी?
एंटी नहीं, प्रो-इनकंबेंसी है। लोग अब पहले से अधिक चाहते हैं। कोई मुझे तोहफे में धान देता है तो कोई भुट्टा। (पहनी अंगूठी दिखाते हुए) ये मुझे सलकनपुर की फूल बेचने वाली बहन प्रेमबाई ने दी। उसने इस तरह से आग्रह किया कि मैं इसे अब अंगुली से उतार ही नहीं पा रहा।
- क्या इसकी वजह आप लाड़ली बहना को मानते हैं?
एक वहज ये भी है। लेकिन अगर आप मेरे पूरे कार्यकाल को देखें तो लाडली लक्ष्मी से लेकर लाडली बहना तक महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई गई योजनाओं की लंबी फेहरिस्त दिखाई देगी। ये अलग बात है कि हमारे कांग्रेसी मित्र महिला सशक्तिकरण को हमेशा राजनीति के चश्मे से देखते हैं। कारपोरेट कल्चर में पले-बढ़े राहुल हो या कमलनाथ, महिला उनके लिए चुनावी जुमला ही रहा है।
- कांग्रेस तो कहती है कि आप उनके डेढ़ साल के कार्यकाल से अपने कार्यकाल की तुलना कर लीजिए?
कमलनाथ मुख्यमंत्री नहीं, CEO बनकर सरकार चला रहे थे। उन्होंने वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया था। उन्होंने 4 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देने के नाम पर युवाओं को ठगा। उन्होंने जमीन पर उतरकर न तो जनता का हाल जाना न समस्याएं देखीं।
- आपको नहीं लगता कि ऐसी फ्री और कैश खाते में डालने वाली स्कीम से बेरोजगारी बढ़ेगी?
मुझे इसका उल्टा अनुभव है। कल ही (सोमवार को) भोपाल में अनुसूचित बस्ती में मैं गया था। एक महिला मिली। उसने बताया कि उसने लाडली बहना के पैसे से ही भोजनालय खोल दिया। एक महिला वहीं फल का ठेला लगाने लगी। दरअसल, ये आधी आबादी को पूरा न्याय है। हर ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को फ्रीबीज मानना सही नहीं है।
- तो फिर आप रोजगार के लिए पैसे कहां से लाएंगे?
हमने कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाया है। कांग्रेस के समय के 21 हजार करोड़ के बजट को हम 3.14 लाख करोड़ तक ले गए हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब हमारा अगला मिशन हर परिवार-एक रोजगार होगा। अब तक हमने मप्र को विकास का एक नया रास्ता दिखाया है। अब हमारा अगला लक्ष्य इसे देश के टॉप-3 प्रदेशों में शामिल करना है।
- विकास अगर इतना ही हुआ है तो आप सनातन और धर्म जैसे मुद्दों को आगे क्यों करते हैं?
हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रणाम, राम काजु कीन्हे बिनु मोहि कहां विश्राम। धर्म कभी भी हमारे लिए राजनीति का मुद्दा नहीं है, लेकिन कोई सनातन को डेंगू-वायरस बताएगा तो उसका तो जवाब देना होगा। हमने हर भाषण में राेजगार, शिक्षा, लोगों की बेहतरी पर बात की है। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। मैं जाऊंगा। राहुल-कमलनाथ-दिग्विजय कब दर्शन के लिए जाएंगे?
- मतदान में 10 दिन से भी कम बचे हैं। अब तक भाजपा घोषणा पत्र क्यूं नहीं ला पाई?
पार्टी उस पर काम कर रही है। हम जनता के बीच समग्रता में जाना चाहते हैं। एक-दो दिन में घोषणा पत्र जारी हो जाएगा।