सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने गुरुवार को दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली। हालांकि, कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। ऐसे में इस फैसले से उन्हें इस मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन दोषी ठहराए जाने का निचली अदालत का फैसला फिलहाल बरकरार है।

न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने सुनाया फैसला न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और जमानत देने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करने और जमानत देने की मांग स्वीकार की, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

क्या है दो पैन कार्ड का मामला? यह मामला अब्दुल्ला आजम के पास कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो पैन कार्ड होने से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल दस्तावेजों में भी किया गया था। इस मामले में वर्ष 2019 में शिकायत दर्ज हुई थी। नवंबर 2025 में रामपुर की अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। बाद में दोनों ने इस फैसले को चुनौती दी।

जमानत के बावजूद अन्य मामलों में राहत जरूरी हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी दोनों की जेल से रिहाई अन्य लंबित मामलों की कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि किसी दूसरे मामले में उनकी हिरासत जरूरी है, तो केवल इस प्रकरण में मिली जमानत से तत्काल रिहाई सुनिश्चित नहीं होगी। दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण उनके चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी इस आदेश से अपने आप कोई राहत नहीं मिली है। अदालत के इस फैसले से आजम खान और उनके बेटे को दो पैन कार्ड मामले में कानूनी राहत मिली है। हालांकि, मामले का अंतिम निपटारा उनकी पुनरीक्षण याचिकाओं पर आगे होने वाली सुनवाई के बाद होगा।


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